गन्ना सहित खरीफ फसलों का रकबा 72.57 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा
09-Jun-2026 01:44 PM
नई दिल्ली। हालांकि गन्ना का रकबा गत वर्ष के स्तर पर ही स्थिर है मगर कुछ फसलों की बिजाई कम क्षेत्रफल में होने से खरीफ फसलों का कुल उत्पादन क्षेत्र थोड़ा पीछे चल रहा है। बिजाई सीजन की अभी शुरुआत ही हुई है इसलिए क्षेत्रफल में यह कमी आगे पूरी हो सकती है।
केन्द्रीय कृषि मंत्रालय ने खरीफ फसलों के बिजाई क्षेत्र का आंकड़ा जारी करना शुरू कर दिया है। नवीनतम आंकड़ों के अनुसार इस वर्ष 5 जून तक राष्ट्रीय स्तर पर खरीफ फसलों का कुल उत्पादन क्षेत्र 72.57 लाख हेक्टेयर पर ही पहुंच सका जो पिछले साल की इसी तिथि के बिजाई क्षेत्र 74.61 लाख हेक्टेयर से 2.04 लाख हेक्टेयर कम है।
गत वर्ष के मुकाबले इस बार गन्ना का उत्पादन क्षेत्र 54.08 लाख हेक्टेयर पर ही बरकरार रहा लेकिन कपास का बिजाई क्षेत्र 9.72 लाख हेक्टेयर से घटकर 7.51 लाख हेक्टेयर रह गया। दूसरी ओर जूट एवं मेस्ता का क्षेत्रफल 6.08 लाख हेक्टेयर से सुधरकर 6.18 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया।
यदि खरीफ फसलों के कुल उत्पादन क्षेत्र में से इन तीन नकदी या व्यावसायिक फसलों के रकबे को निकाल दिया जाए तो काफी फसलों का क्षेत्रफल बहुत कम बचता है।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार पिछले साल की तुलना में चालू खरीफ सीजन के दौरान धान का उत्पादन क्षेत्र 2.65 लाख हेक्टेयर से सुधरकर 2.85 लाख हेक्टेयर तथा दलहनों का बिजाई क्षेत्र 35 हजार हेक्टेयर से बढ़कर 52 हजार हेक्टेयर पर पहुंच गया लेकिन मोटे अनाजों का रकबा 1.22 लाख हेक्टेयर से घटकर 1.01 लाख हेक्टेयर तथा तिलहन फसलों का क्षेत्रफल 52 हजार हेक्टेयर से गिरकर 42 हजार हेक्टेयर रह गया।
खरीफ सीजन के दौरान अरहर (तुवर), उड़द, मूंग, मोठ, कुलथी, ज्वार, बाजरा, मक्का, रागी, मूंगफली, सोयाबीन, सूरजमुखी एवं तिल आदि की खेती होती है। इन सभी फसलों की बिजाई अभी आरंभिक तौर में हैं।
