कृषि क्षेत्र में 2025-26 के दौरान जीवीए में गिरावट
08-Jun-2026 08:25 PM
नई दिल्ली। सरकारी आंकड़ों से पता चलता है कि कृषि एवं सम्बद्ध क्षेत्रों में सकल मूल्य संवर्धन की विकास दर 3 प्रतिशत के आसपास रह सकती है जो दूसरे अग्रिम अनुमान में की गई भविष्यवाणी 2.4 प्रतिशत से कुछ ज्यादा लेकिन वित्त वर्ष 2024-25 के सकल मूल्य संवर्धन (जीवीए) की वृद्धि दर 4.2 प्रतिशत से काफी पीछे है।
दरअसल विभिन्न-उत्पादों के वर्तमान मूल्य स्तर पर हुई गणना के कारण जीवीए में इतनी ज्यादा गिरावट आने की संभावना है। विभिन्न जिंसों एवं उसके डेरिवेटिव्स का दाम ऊंचा रहने से वित्त वर्ष 2024-25 में कृषि एवं सम्बद्ध क्षेत्र का जीवीए उछलकर 9.2 प्रतिशत के शीर्ष स्तर पर पहुंच गया था जो 2025-26 के वित्त वर्ष में लुढ़ककर महज 1.4 प्रतिशत रह गया।
इस अवधि के दौरान मूल्य संवर्धित उत्पादों की कीमतों में काफी गिरावट दर्ज की गई। यद्यपि खाद्य तेल एवं चीनी सहित कुछ अन्य उत्पादों के दाम में अब बढ़ोत्तरी देखी जा रही है मगर दाल-दलहन, मसालों तथा फलों-सब्जियों सहित कई अन्य उत्पादों का दाम नीचे आ गया है।
गेहूं एवं इसके उत्पाद भी अपेक्षाकृत सस्ते हुए हैं। खाद्य महंगाई में 2024-25 के मुकाबले 2025-26 के दौरान कमी दर्ज की गई इसलिए कुल जीवीए की विकास दर कमजोर रही। रबी फसलों का बेहतर उत्पादन भी इसे नीचे स्तर पर लाने का एक प्रमुख कारक रहा।
