पश्चिम एवं दक्षिणी राज्यों में भारी वर्षा जारी
09-Jun-2026 08:39 PM
तिरुअनन्तपुरम। देश के पश्चिमी तटवर्ती क्षेत्रों में महाराष्ट्र के रत्नागिरी से लेकर गोवा के पणजी तक तथा दक्षिण भारत में कर्नाटक के मंगलोर से लेकर केरल के तिरुअनन्तपुरम तक जोरदार मानसूनी बारिश का दौर जारी है। कुछ इलाकों में अत्यन्त मूसलाधार वर्षा होने की सूचना मिल रही है लेकिन मौसम विभाग का कहना है कि जोरदार वर्षा का यह दौर दो दिन से ज्यादा नहीं चलेगा और इसकी तीव्रता जल्दी ही कमजोर पड़ जाएगी।
मानसून की यह बारिश खरीफ फसलों की बिजाई के लिए तो अच्छी है लेकिन जायद (ग्रीष्म कालीन) फसलों तथा फलों / सब्जियों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है। यह बारिश तेज हवा के साथ हो रही है। आज यानी 9 जून की सुबह में महाराष्ट्र के आंतरिक भाग, कर्नाटक एवं तेलंगाना के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ वर्षा हुई।
महाराष्ट्र के अकोला, पुणे, सतारा एवं कोल्हापुर, कर्नाटक के बेलागवी, हुबली, दावण गेरे, शिवमोगा, कलबुर्गी (गुलबर्गा), मैसूर, बंगलौर एवं रायचूर (तेलंगाना के हैदराबाद, जदचेरिया तथा खम्माम) आंध्र प्रदेश के कुर्नूल, मवेरिया, मर्लापुर एवं ओंगोले तथा तमिलनाडु के धर्मापुरी, सलेम, कुड्डालोर, तिरुचिरापल्ली नाग पट्टिनम एवं मदुरै जैसे जिलों में कहीं सामान्य तो कहीं घनघोर बरसात हुई।
मौसम विभाग के मुताबिक दक्षिण कोंकण तट से आगे मध्य-पूर्वी अरब सागर के ऊपर एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन मौजूद है जिससे मानसून को दक्षिण राज्यों में सक्रिय होने तथा आगे बढ़ने में सहायता मिल रही है।
मुम्बई पहुंचने में मानसून को कुछ समय लग सकता है क्योंकि संवाहक हवा की गति धीमी पड़ गई है। दिलचस्प तथ्य यह है कि अल नीनो मौसम चक्र के आगमन की आशंका के बावजूद हिन्द महासागर का डायपोल दक्षिण-पश्चिम मानसून के लिए सकारात्मक हो गया है।
