15 लाख टन का निर्यात कोटा मिलने पर चीनी उद्योग को मिलेगी राहत

10-Nov-2025 06:12 PM

नई दिल्ली । एथनॉल की आपूर्ति का सीमित कोटा नियत होने तथा इसके बिक्री मूल्य में इजाफा नहीं किए जाने से चिंतित और परेशान चीनी उद्योग को सरकार की ओर से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।

दरअसल सरकार ने 2025-26 के मौजूदा मार्केटिंग सीजन (अक्टूबर-सितम्बर) के लिए उद्योग को 15 लाख टन चीनी के निर्यात की अनुमति देने का निर्णय लिया है जिसके लिए अधिसूचना जल्दी ही जारी की जा सकती है। 2024-25 के सीजन में 10 लाख टन चीनी के निर्यात का कोटा नियत किया गया था जिसमें इस वर्ष 5 लाख टन या 50 प्रतिशत का इजाफा होने की संभावना है। 

समझा जाता है कि केन्द्रीय खाद्य, उपभोक्ता मामले एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री को भेजे एक पत्र में इसकी जानकारी देते हुए कहा है कि 2025-26 सीजन के लिए 15 लाख टन चीनी का निर्यात कोटा निर्धारित करने तथा खांडसारी के निर्यात पर लगे 50 प्रतिशत के सीमा शुल्क को हटाने का निर्णय सैद्धांतिक तौर पर किया जा चुका है।

वैसे फिलहाल इसका खुलासा नहीं हुआ है कि यह निर्णय कब से प्रभावी होगा। लेकिन इतना अवश्य है कि अगर 15 लाख टन का निर्यात कोटा दिया गया तो चीनी उद्योग को कुछ राहत मिल जाएगी।  

शीर्ष उद्योग संगठन - इस्मा ने बेहतर उत्पादन एवं मांग-आपूर्ति के बीच अच्छे संतुलन का हवाला देते हुए सरकार से 20 लाख टन चीनी के निर्यात की अनुमति देने तथा इसकी घोषणा जल्दी से जल्दी करने का आग्रह किया था ताकि मिलर्स को निर्यात की रणनीति बनाने तथा चीनी के निर्यात की स्वीकृति 20 जनवरी 2025 को दी गई थी।

इस बार नवम्बर में ही इसकी घोषणा होने की उम्मीद है। गन्ना उत्पादक भी अपनी फसल के लिए सरकार से ऊंचा दाम नियत करने की मांग करते रहे हैं। इससे चीनी उद्योग की कठिनाई बढ़ रही है।