2023-24 सीजन के लिए प्रमुख फसलों का अंतिम उत्पादन अनुमान जारी
25-Sep-2024 07:38 PM
नई दिल्ली । केन्द्रीय कृषि मंत्रालय ने 2023-24 के सम्पूर्ण मार्केटिंग सीजन के लिए प्रमुख फसलों के उत्पादन का अंतिम अनुमान जारी कर दिया है।
इसके तहत देश में चावल, गेहूं, कुल खाद्यान्न तथा सरसों का उत्पादन उछलकर नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने की संभावना व्यक्त की गई है।
कृषि मंत्रालय के अनुसार 2023-24 सीजन के दौरान खाद्यान्न का सकल उत्पादन बढ़कर 3322.98 लाख टन पर पहुंच गया जो 2022-23 सीजन के उत्पादन 3296.87 लाख टन से 26.11 लाख टन ज्यादा है। इसके तहत खासकर चावल, गेहूं एवं श्री अन्न का शानदार उत्पादन हुआ।
2022-23 सीजन के मुकाबले 2023-24 सीजन के दौरान चावल का घरेलू उत्पादन 1357.55 लाख टन से 20.70 लाख टन बढ़कर 1378.25 लाख टन, गेहूं का उत्पादन 1105.54 लाख टन से 27.38 लाख टन उछलकर 1132.92 लाख टन तथा श्री अन्न का उत्पादन 173.21 लाख टन से सुधरकर 175.72 लाख टन के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया।
इसके अलावा 2023-24 सीजन के दौरान देश में 376.65 लाख टन मक्का के साथ कुल 569.36 लाक टन पोषक अन्न / मोटे अनाज, 242.46 लाख टन दलहन तथा 396.69 लाख टन तिलहन का उत्पादन आंका गया है।
दलहन फसलों में तुवर का उत्पादन 34.17 लाख टन तथा चना का उत्पादन 110.39 लाख टन आंका गया है जबकि तिलहन फसलों में मूंगफली का उत्पादन 101.80 लाख टन, सोयाबीन का 130.62 लाख टन तथा सरसों- रेपसीड का उत्पादन 132.59 लाख टन होने का अनुमान लगाया गया है।
नकदी या व्यापारिक फसलों के संवर्ग में गन्ना का उत्पादन 4531.58 लाख टन तथा कपास का उत्पादन 325.22 लाख गांठ (170 किलो की प्रत्येक गांठ) होने की संभावना व्यक्त की गई है। जूट-मेस्ता का उत्पादन 96.92 लाख गांठ (180 किलो की प्रत्येक गांठ) आंका गया है।
कृषि मंत्रालय के मुताबिक 2023-24 के दौरान महाराष्ट्र एवं दक्षिणी राज्यों में सूखे की स्थिति रही जबकि अगस्त माह में लम्बे समय तक कई राज्यों में बारिश का अभाव रहा।
इसमें राजस्थान भी था मिल था। इससे रबी फसलों का उत्पादन प्रभावित हुआ। कुल मिलकर दलहन, मोटे अनाज, सोयाबीन तथा कपास की फसल पर इसका असर पड़ेगा।
