आईग्रेन इंडिया - दलहन बाज़ार विश्लेषण (29 अप्रैल बनाम 05 मई 2025)

05-May-2025 06:43 PM

मसूर:


मुंबई (कनाडियन) 6150 रुपये, मुंबई (ऑस्ट्रेलियन) 6100 पर स्थिर।

अशोक नगर में देखी गई बढ़त: 6050 से बढ़कर 6300 रुपये हो गए।

देश में मसूर की संतोषजनक फसल, आयातित माल भी उपलब्ध।

कीमतों में मामूली तेजी की उम्मीद।

देखना होगा कि ऑस्ट्रेलिया और कनाडा बिजाई का क्या रुख रहेगा। 

चना:

दिल्ली (राज.) 5750 से बढ़कर 5825 रुपये और म.प्र. भी 5650 से 5750 रुपये तक बढ़ा।

मांग में आये सुधार से बढ़ा बाजार। 

ऑस्ट्रेलिया से कम हो रहा आयात, साथ ही सरकारी खरीद भी चालू।

कीमतों को मामूली समर्थन की उम्मीद।

मूंग:

मूंग दिल्ली में 29 अप्रैल को 7800 रुपये प्रति क्विंटल से गिरकर 5 मई को 7500 रुपये पर आ गए।

जोधपुर हल्का उतार-चढ़ाव रहा, भाव 7300 से घटकर 7250 रुपये तक पहुँचे।

मांग कम होने के कारण भावों में गिरावट आई, साथ ही नई फसल की आवक भी शुरू हो रही है। 

अच्छे उत्पादन को देख कीमतों में विशेष तेजी की संभावनाएं कम। 

काबुली चना:

इंदौर पुरे सपथ 8500 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर।

कंटेनर 42/44 साइज: 11450 से घटकर 11300 रुपये हो गए।


उड़द:

मुंबई FAQ सप्ताह भर 7000-7050 रुपये की रेंज में चले वहीँ, चेन्नई (FAQ) 6850 से मामूली बढ़कर 6900 रुपये आया।

चेन्नई (SQ) शुरू के दो दिनों में 7375 रहा जो घटकर शनिवार को 7300 पहुंचा परन्तु आज 100 रूपये बढ़कर 7400 पर बंद हुआ।

लातूर 7100 से घटकर 7000 रुपये पर हुआ बंद।

म्यांमार में रिकॉर्ड फसल साथ ही ग्रीष्कालीन फसल भी आ रही है।

इस साल हो सकता है उड़द का रिकॉर्ड  आयात, जो समय-समय को कीमतों पर नियंत्रण बनाये रख सकता है।

मटर:

मुंबई (कनाडा) 3650 से बढ़कर 3700 रुपये, रूस: 3500 से बढ़कर 3550 रुपये,  कानपुर 3675 से लगातार बढ़कर 3800 रुपये तक पहुँचा।

विदेशों से कम हो रहा है आयात, देखना होगा की आयात नियमों के क्या बदलाव किया जाता है।

मांग के समर्थन से कीमतों को थोड़ा बहुत सपोर्ट मिलने की उम्मीद।

तुवर

मुंबई बाजार 6600 से शुरू हो कर 6500 तक फिसल कर आज 6650 रुपये पर बंद हुए। 

इन 6 दिनों में चेन्नई लेमन 100 बढ़कर आज 6650 रुपये पर बंद हुई।

लातूर 7150 से बढ़कर 7200 पहुंची।

म्यांमार से आयात जारी, इस वर्ष सरकार द्वारा की गई अच्छी खरीद।

कीमतों में मामूली वृद्धि के आसार परन्तु जब सरकारी सेल चालू होगी तब बाज़ारों पर दवाब बनने की उम्मीद। 

लम्बी तेजी में न करें व्यापार।