आठ माह में करीब 84 लाख टन सरसों की क्रशिंग होने का अनुमान
05-Nov-2024 02:08 PM
जयपुर । घरेलू बाजार भाव ऊंचा रहने से जहां किसानों को थोक मंडियों में अपनी सरसों का अधिक से अधिक स्टॉक उतारने का प्रोत्साहन मिला वहीं सरसों तेल एवं खल की कीमत लाभप्रद स्तर पर रहने से मिलर्स को इसकी क्रशिंग- प्रोसेसिंग की रफ्तार बढ़ाने में कठिनाई नहीं हुई।
जयपुर (राजस्थान) के चांदपोल की अनाज मंडी में अवस्थित लोकप्रिय एवं विश्वसनीय प्रतिष्ठान- मरुधर ट्रेडिंग एजेंसी के मैनेजिंग डायरेक्टर- अनिल चतर द्वारा संकलित आंकड़ों से पता चलता है कि वर्तमान रबी मार्केटिंग सीजन के शुरूआती आठ महीनों में यानी मार्च-अक्टूबर 2024 के दौरान देश में करीब 84 लाख टन सरसों की क्रशिंग हुई।
इसके तहत मार्च में 13 लाख टन, अप्रैल में 12.50 लाख टन, मई एवं जून में 10-10 लाख टन, जुलाई में 9 लाख टन, अगस्त में 10 लाख टन, सितम्बर में 9.50 लाख टन तथा अक्टूबर में 10 लाख टन सरसों की क्रशिंग होने का अनुमान लगाया गया है।
एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक समीक्षाधीन अवधि के दौरान प्रमुख उत्पादक राज्यों की मंडियों में तथा सरकारी क्रय केन्द्रों पर कुल मिलाकर 95 लाख टन सरसों की आवक हुई। इसमें से 20 लाख टन की खरीद नैफेड एवं हैफेड जैसे सरकारी एजेंसियों द्वारा की गई।
इन एजेंसियों के पास 7.50 लाख टन का पिछला बकाया स्टॉक भी था। इसमें से 9.50 लाख टन की बिक्री हो गई और 1 नवम्बर 2024 के उसके पास 18 लाख टन सरसों का स्टॉक बचा हुआ था।
उद्योग-व्यापार संगठनों ने 2023-24 के रबी सीजन में 115 लाख टन सरसों के घरेलू उत्पादन की संभावना (संशोधित अनुमान) व्यक्त की है। इसके तहत राजस्थान में 53 लाख टन, उत्तर प्रदेश एवं मध्य प्रदेश में 13-13 लाख टन, हरियाणा-पंजाब में 12 लाख टन, गुजरात में 5 लाख टन तथा बिहार - बंगाल सहित अन्य राज्यों में 19 लाख टन सरसों के उत्पादन का अनुमान लगाया गया है।
इसमें से फरवरी में हुई 7 लाख टन की आवक को निकाल देने पर मार्केटिंग सीजन के लिए 108 लाख टन का स्टॉक बचा मगर 12 लाख टन के पिछले बकाया स्टॉक का योग करने पर कुल उपलब्धता 120 लाख टन पर पहुंची। इसमें से 95 लाख टन की आवक 31 अक्टूबर तक हुई।
एजेंसी के मुताबिक 1 नवम्बर 2024 को किसानों के पास 13 लाख टन, प्रोसेसर्स एवं स्टॉकिस्टों के पास 5 लाख टन तथा सरकारी एजेंसियों के पास 18 लाख टन सहित देश में कुल करीब 36 लाख टन सरसों का स्टॉक उपलब्ध था। सरसों की बिजाई पहले ही आरंभ हो चुकी है और इसकी नई फसल की कटाई-तैयारी फरवरी-मार्च में शुरू होगी।
