अगले कुछ महीनों तक दलहनों के दाम में जोरदार वृद्धि की संभावना नहीं
07-Nov-2024 12:31 PM
मुम्बई । उद्योग-व्यापार क्षेत्र के विषेशज्ञों- विश्लेषकों का मानना है कि पिछले कुछ महीनों से दाल-दलहनों का घरेलू बाजार भाव नरम या स्थिर बना हुआ है और अगले कुछ महीनों तक इसमें जोरदार उछाल आना मुश्किल लगता है।
घरेलू प्रभाग में दलहनों की पर्याप्त आपूर्ति हो रही है। पूर्वी अफ्रीकी देशों से तुवर का आयात पहले से ही है और म्यांमार से भी तुवर के साथ-साथ उड़द मंगाया जा रहा है।
म्यांमार में दलहन फसलों के नए माल की जनवरी 2025 से शुरू होने वाली है। हालांकि केन्द्र सरकार ने पिछले साल के मुकाबले चालू खरीफ मार्केटिंग सीजन में उड़द की पैदावार में लगभग 4 लाख टन की भारी गिरावट की संभावना व्यक्त करते हुए दलहनों का कुल उत्पादन 20 हजार टन घटने का अनुमान लगाया है लेकिन समीक्षकों का मानना है कि अरहर (तुवर) के उत्पादन में वृद्धि का अनुमान काफी संकीर्ण है।
वैसे भी खरीफ कालीन दलहन फसलों के कुल बिजाई क्षेत्र में 7.4 प्रतिशत या 9.30 लाख हेक्टेयर की अच्छी बढ़ोत्तरी हुई। पिछले साल की तुलना में इस वर्ष खरीफ सीजन के दौरान तुवर का बिजाई क्षेत्र करीब 14.13 प्रतिशत बढ़कर 46.50 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा मगर सरकार ने इसका उत्पादन केवल 35.02 लाख टन होने का अनुमान लगाया है जो पिछले सीजन के अनुमानित उत्पादन 34.17 लाख टन से सिर्फ 85 हजार टन ज्यादा है।
कुछ जानकारों का मानना है कि तुवर का वास्तविक उत्पादन सरकारी अनुमान से ज्यादा हो सकता है। आमतौर पर कर्नाटक एवं महाराष्ट्र जैसे शीर्ष उत्पादक राज्यों में तुवर की फसल अच्छी हालत में बताई जा रही है
लेकिन कर्नाटक प्रदेश रेड ग्राम ग्रोअर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष ने कहा है कि राज्य में फसल की हालत एवरेज दिख रही है और इसकी उपज दर में वृद्धि की संभावना बहुत कम है क्योंकि फूल लगने की प्रक्रिया में बाधा पड़ी थी। पौधे भी क्षैतिज हो गए हैं।
