अमरीका के साथ व्यापारिक करार होने से भारतीय उत्पादों का निर्यात बढ़ने के आसार
06-Feb-2026 11:49 AM
नई दिल्ली। केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ने जोर देकर कहा है कि भारत और अमरीका के बीच हुए द्विपक्षीय व्यापार समझौते का भारतीय कृषि एवं डेयरी क्षेत्र के हितों पर कोई प्रतिकूल असर नहीं पड़ेगा। इसके बजाए भारत से चावल, मसालों एवं टेक्सटाइल सामानों सहित कई अन्य उत्पादों का निर्यात बढ़ाने में इससे सहायता मिलेगी।
अमरीका भारतीय उत्पादों के आयात पर सीमा शुल्क को घटाकर 18 प्रतिशत नियत करने की घोषणा पहले ही कर चुका है। कृषि मंत्री के मुताबिक वस्त्र परिधानों का निर्यात बढ़ने पर भारतीय कपास उत्पादन किसानों की आमदनी में इजाफा होगा।
कृषि मंत्री का कहना है कि सरकार के लिए बाजार नहीं खोला गया है जो भारतीय किसानों के लिए नुकसानदायक साबित हो। कृषि मंत्री के अनुसार भारत दुनिया में चावल का सबसे बड़ा निर्यातक देश बना हुआ है।
वहां से अमरीका सहित दुनिया के अनेक देशों को विशाल मात्रा में इसका शिपमेंट किया जाता है। देश से करीब 63,000 करोड़ रुपए मूल्य के चावल का निर्यात किया गया था
अमरीका में भी इसका निर्यात हुआ। टैरिफ में कटौती होने से अमरीकी बाजार में भारतीय उत्पाद- चावल, मसाले, वस्त्र परिधान एवं काजू आदि का मूल्य प्रतिस्पर्धी स्तर पर आ जाएगा जिससे वहां इसकी मांग बढ़ेगी।
द्विपक्षीय व्यापार समझौते का पूरा विवरण सही समय पर सामने आ जाएगा लेकिन मुख्य बात यह है कि किसानों के हितों से कोई समझौता नहीं किया गया है। किसान अन्नदाता है और इसलिए उन्हें हर तरह से सुरक्षित रखना सरकार का दायित्व है।
