अरंडी की बोवाई में इज़ाफा, जीरे का रकबा घटने की आशंका
05-Aug-2025 11:18 AM
अरंडी की बोवाई में इज़ाफा, जीरे का रकबा घटने की आशंका
★ इस साल कैस्टर सीड (अरंडी) का रकबा बढ़ने की संभावना है, क्योंकि जीरा उगाने वाले किसान ऊंची कीमतों को देखते हुए अरंडी की ओर रुख कर रहे हैं।
★ अरंडी की कीमतें पिछले साल की तुलना में रुपए 500 प्रति क्विंटल बढ़ चुकी हैं और वर्तमान में लगभग रुपए 6,500 प्रति क्विंटल पर चल रही हैं। वहीं, जीरे की कीमतें रुपए 25,000 प्रति क्विंटल से घटकर रुपए 15,000 के आसपास।
★ कृषि मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के अनुसार, 4 अगस्त 2025 तक देश में कैस्टर सीड की बुवाई 1.79 लाख हेक्टेयर में हो चुकी है, जो पिछले साल के 1.29 लाख हेक्टेयर की तुलना में 38% अधिक है। हालांकि सामान्य रकबा 9.65 लाख हेक्टेयर है, लेकिन शुरुआती संकेत सकारात्मक हैं।
★ 2024-25 के लिए तीसरे अग्रिम अनुमान में अरंडी का उत्पादन 17.30 लाख टन आंका गया है, जो पिछले साल के 19.59 लाख टन से कम है।
★ बोवाई के रुझान में बदलाव के चलते धनिया की कीमतें भी बढ़ी हैं। जून में जहां धनिया रुपए 6,700 प्रति क्विंटल था, वहीं अब यह रुपए 7,900 तक पहुंच चुका है।
★ गुजरात के उंझा मंडी में 2025 की पहली छमाही में जीरे की आवक 10% घटी है। अप्रैल में जीरे का निर्यात मार्च की तुलना में 12% बढ़ा, लेकिन साल-दर-साल तुलना में 90% से अधिक की गिरावट देखी गई।
★ अरंडी की ऊंची कीमतें और कम लागत वाली खेती किसानों को इसकी ओर आकर्षित कर रही हैं। यदि यह रुझान जारी रहा, तो आने वाले रबी सीजन में जीरे की बुवाई प्रभावित हो सकती है, जिससे जीरे की कीमतों को भी मध्यम से दीर्घकाल में समर्थन मिल सकता है।
