बढ़े मूल्य के साथ भारत ब्रांड के साथ आटा एवं चावल की दोबारा बिक्री शुरू

06-Nov-2024 03:32 PM

नई दिल्ली । केन्द्रीय खाद्य, उपभोक्ता मामले एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री ने 5 नवम्बर 2024 को भारत ब्रांड नाम के तहत आटा और चावल की बिक्री के दूसरे चरण का शुभारम्भ किया।

तीन सहकारी एजेंसियों- नैफेड, एनसीसीएफ तथा केन्द्रीय भंडार द्वारा पूर्व निर्धारित मूल्य पर इस आटा एवं चावल की खुदरा बिक्री की जाएगी। पहले चरण की तुलना में दूसरे चरण के लिए इसका उच्चतम खुदरा मूल्य बढ़ा दिया गया है। 

पहले चरण में गेहूं के आटे का खुदरा मूल्य 27.50 रुपए प्रति किलो निर्धारित किया गया था जिसे दूसरे चरण में बढाकर 30 रुपए प्रति किलो नियत किया गया है।

इसी तरह भारत चावल का खुदरा मूल्य 29 रुपए प्रति किलो से बढ़ाकर 34 रुपए प्रति किलो निर्धारित किया गया है। इन उत्पादों की बिक्री 5 किलो एवं 10 किलो के पैक में की जाएगी। सहकारी एजेंसियों के साथ-साथ ई-कॉमर्स प्लेटफार्म के माध्यम से भी इसे उपभोक्ताओं को उपलब्ध करवाया जाएगा। 

दूसरे चरण के कारण फिलहाल 3.69 लाख टन गेहूं एवं 2.91 लाख टन चावल का स्टॉक आवंटित किया गया है। भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के गोदामों से इसका स्टॉक आवंटित किया गया है।

पहला चरण अक्टूबर 2023 से आरंभ हुआ था और जून 2024 में समाप्त हो गया। दूसरा चरण 5 नवम्बर से आरंभ हुआ है और कम से कम आवंटित स्टॉक की बिक्री होने तक बरकरार रहने की संभावना है। प्रथम चरण के दौरान 15.20 लाख टन आटा एवं 14.58 लाख टन चावल का वितरण हुआ था। 

दिलचस्प तथ्य यह है कि ऊंचे बाजार भाव के बावजूद पहले चरण के दौरान चावल की कम बिक्री हुई। खाद्य मंत्री के अनुसार सरकार का उद्देश्य व्यवसाय करना नहीं था बल्कि सिर्फ आम उपभोक्ताओं को राहत प्रदान करना था और कीमतों में तेजी पर नियंत्रण रखना था।

यदि आवश्यकता पड़ी तो आटा और चावल की बिक्री छोटे-छोटे पैकों में भी शुरू करने पर विचार किया जा सकता है। सरकारी आटा-चावल के खुदरा बिक्री मूल्य में की गई बढ़ोत्तरी से स्पष्ट संकेत मिलता है कि खुले बाजार में इसका भाव काफी ऊंचा चल रहा है।