भारत में चावल की उपलब्धता 20 करोड़ टन पर पहुंचने की उम्मीद
07-Apr-2026 12:51 PM
नई दिल्ली। विशाल बकाया स्टॉक एवं रिकॉर्ड घरेलू उत्पादन के कारण भारत में चावल की कुल उपलब्धता तेजी से बढ़कर एक नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच जाने की संभावना है जिससे न केवल घरेलू प्रभाग में आपूर्ति की स्थिति सुगम बनी रहेगी बल्कि निर्यात उद्देश्य के लिए भी इसका पर्याप्त स्टॉक मौजूद रहेगा। रुपया सस्ता होने से निर्यात बढ़ेगा।
अमरीकी कृषि विभाग (उस्डा) की एक रिपोर्ट के अनुसार 2025-26 के मार्केटिंग सीजन में भारत में चावल की कुल उपलब्धता उछलकर 20 करोड़ (2000 लाख) टन के सर्वकालीन सर्वोच्च स्तर पर पहुंच जाने का अनुमान है जिसमें 4.80 करोड़ टन का पिछला बकाया स्टॉक तथा 15.20 करोड़ टन का घरेलू उत्पादन शामिल है।
इसमें से 12.70 करोड़ टन चावल का उपयोग घरेलू प्रभाग में होने की संभावना है जबकि 2.50 करोड़ टन चावल का निर्यात हो सकता है। घरेलू खपत एवं निर्यात में भारी बढ़ोत्तरी होने के कारण मार्केटिंग सीजन के अंत में चावल का अधिशेष स्टॉक घटकर 191.20 लाख टन रह जाएगा।
उस्डा की रिपोर्ट के मुताबिक 2024-25 के मार्केटिंग सीजन में 4.20 करोड़ टन के बकाया स्टॉक तथा 15 करोड़ टन के उत्पादन के साथ भारत में कुल 19.20 करोड़ टन चावल का स्टॉक उपलब्ध था। उसमें से 12.117 करोड़ टन का घरेलू उपयोग तथा 2.283 करोड़ टन चावल का निर्यात हुआ और सीजन के अंत में 4.80 करोड़ टन का स्टॉक बच गया।
उद्योग समीक्षकों के अनुसार स्थिति सामान्य होने पर भारत से चावल के निर्यात में अच्छी बढ़ोत्तरी हो सकती थी क्योंकि रुपया अमरीकी डॉलर की तुलना में बहुत सस्ता हो गया है लेकिन पश्चिम एशिया में जारी संकट के कारण निर्यात में बाधा पड़ रही है।
