भारत राइस कांफ्रेंस के लिए सरकार नहीं दे रही है कोई वित्तीय सहायता
28-Oct-2025 05:25 PM
नई दिल्ली। केन्द्रीय वाणिज्य मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि 30-31 अक्टूबर 2025 को दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित होने वाले भारत इंटरनेशनल राइस कांफ्रेंस (बीआईआरसी) के लिए सरकार की ओर से कोई वित्तीय सहायता नहीं दी जा रही है।
इस दो दिवसीय कांफ्रेंस का आयोजन प्राइवेट संस्था- इंडियन राइस एक्सपोर्टर्स फेडरेशन द्वारा किया जा रहा है और सरकार इसे केवल गैर वित्तीय सहयोग-समर्थन प्रदान कर रही है।
यह स्पष्टीकरण इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इंडियन राइस एक्सपोर्टर्स फेडरेशन (आईरेफ) के राष्ट्रीय अध्यक्ष के खिलाफ इस मामले में कुछ खास आरोप लगाए जा रहे थे।
वाणिज्य मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि आईरेफ के राष्ट्रीय अध्यक्ष अथवा इसकी कार्य प्रणाली के बारे में जो आरोप लगाए जा रहे हैं उस सम्बन्ध में स्थिति स्पष्ट की जाती है कि वाणिज्य विभाग इस विषय में कोई टिप्पणी नहीं कर सकता है क्योंकि यह व्यक्ति विशेष से जुड़ा एक खास मामला है और यह संस्था भी प्राइवेट हो चुकी है।
लेकिन सरकार नियमित रूप से प्रत्येक आर्थिक सेक्टर में सभी सम्बद्ध पक्षों के साथ सम्पर्क में रहती है ताकि निर्णय लेने में एवं व्यापार संवर्धन में उसकी भागीदारी सुनिश्चित की जा सके।
कृषि एवं खाद्य जिंसों में चावल निरयत मोर्चे का सबसे अग्रिम सदस्य है। भारत दुनिया में इसका सबसे प्रमुख निर्यातक देश बना हुआ है। वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान देश से करीब 1295 अरब डॉलर मूल्य के चावल का शानदार निर्यात हुआ।
भारत अब चीन को पीछे छोड़कर दुनिया में चावल का सबसे प्रमुख उत्पादक देश बन रहा है। इस सेक्टर के महत्व को देखते हुए वाणिज्य विभाग सभी अन्य सम्बन्ध पक्षों, मंत्रालयों / विभागों के साथ भारत इंटरनेशनल राइस कांफ्रेंस को गैर वित्तीय सहायता उपलब्ध करवा रहा है।
इस अंतर्राष्ट्रीय चावल कांफ्रेंस का आयोजन आई रेफ द्वारा किया जा रहा है जो एक प्राइवेट व्यापारिक संस्था है और चावल के उद्योग- व्यापार तथा निर्यात आदि क्षेत्र की फर्में इसकी सदस्य हैं।
कांफ्रेस के आयोजन पर होने वाले खर्च का वहन इसी संस्था द्वारा किया जा रहा है। इस संस्था के अध्यक्ष एवं सदस्यों को नियुक्त करने में वाणिज्य विभाग की कोई भूमिका नहीं होती है। एपीडा द्वारा इस कार्यक्रम को गैर वित्तीय सहयोग- समर्थन किया जा रहा है।
