भारत द्वारा ट्रांसशिपमेंट पर रोक लगाए जाने से पाकिस्तान में आयात-निर्यात बुरी तरह प्रभावित
23-May-2025 11:30 AM
कराची। भारत सरकार ने केवल पाकिस्तान के साथ प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से होने वाली सभी तरह के कारोबार को रोक दिया है बल्कि अपने बंदरगाहों पर पाकिस्तान को जाने वाले तमाम जहाजों का परिवहन भी बंद कर दिया है इसका मतलब यह हुआ
कि भारतीय पोर्ट एवं जलमार्ग से होकर गुजरने वाले इन सभी जहाजों का आवागमन (ट्रांस शिपमेंट) प्रतिबंधित हो गया है जिस पर पाकिस्तानी झंडे लगे होंगे या किसी अन्य देश का जहाज पाकिस्तान जा रहा होगा।
पाकिस्तान के कराची या कासिम बंदरगाह से कोई जहाज भारतीय जल क्षेत्र से होकर नहीं गुजरेगा और न ही भारतीय बंदरगाह पर रुक सकेगा। दक्षिण एशिया पाकिस्तान टर्मिनल पर जहाजों का आवागमन इससे ठप्प पड़ सकता है
इसके फलस्परूप पाकिस्तान के आयातकों एवं निर्यातकों को भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। इस मार्ग को पाकिस्तान के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है पाकिस्तान से आने-जाने वाले विशाल जहाजों की सीधी सेवा स्थगित कर दी है और पाकिस्तान के बंदरगाहों तथा टर्मिनल के लिए फीडर वेसल तैनात कर दिया है।
मुंबई के एक शिपिंग कम्पनी के अधिकारी ने इस घटना क्रम की पुष्टि करते हुए कहा है कि जो जहाज भारतीय जलमार्ग से होकर पहले ही पाकिस्तान पहुंच चुके है उन्हें सुरक्षा कारणों से अब किसी भी बंदरगाह पर आने या रुकने की अनुमति नहीं दी जा रही है।
इसी तरह जो जहाज पाकिस्तानी बंदरगाह से किसी अन्य देश में पहले ही जा चुके है उन्हें भी इस मार्ग से वापस पाकिस्तान लौटने की अनुमति नहीं दी जा रही है।
इस गंभीर समस्या को देखते हुए शिपिंग कम्पनियो ने सीधे वेसल्स के आवागमन को स्थगित कर दिया है। इससे न केवल पाकिस्तान में शिपमेंट में देरी होगी बल्कि खर्च भी बढ़ जायेगा क्योकि जहाजों को वैकल्पिक मार्ग से जाने को विवश होना पड़ेगा।
पाकिस्तान में शिपिंग संकट से भारत को खासकर चावल का निर्यात बढ़ाने का अवसर मिल सकता है और बासमती चावल का शिपमेंट तेजी से बढ़ने की उम्मीद है।
पिछले कुछ सप्ताहों के दौरान इस प्रीमियम क्वालिटी के सुगंधित चावल के दाम में करीब 20 प्रतिशत का इजाफा हो चूका है क्योकि पाकिस्तान से इसके निर्यात में भारी बाधा उत्पन्न हो गयी है पाकिस्तान से यूरोप जाने वाले जहाज अक्सर भारत के मूंदड़ा बंदरगाह का उपयोग करते थे मगर अब इस पर पाबंदी लग गयी है।
