बीज के मूल्य निर्धारण में प्राइवेट क्षेत्र की भूमिका घटाने पर जोर
28-Oct-2025 08:10 PM
नई दिल्ली। केन्द्रीय कृषि मंत्री चाहते हैं कि विभिन्न फसलों के बीजों की कीमतों के निर्धारण प्राइवेट क्षेत्र की भूमिका सीमित रहे। उनका कहना है कि बीजों के उत्पादन, विपणन एवं विवरण में निजी कंपनियों का महत्वपूर्ण योगदान रहता है लेकिन सार्वजनिक (सरकारी) क्षेत्र की फर्मों का भी अपना खास महत्व है। सरकारी बीज निगमों के प्रदर्शन में और सुधार लाये जाने की आवश्यकता है। उसका प्रदर्शन बेहतर होगा तो प्राइवेट फर्मों की भागीदारी घट सकती है।
कृषि मंत्री ने सार्वजनिक क्षेत्र के प्रतिष्ठान- नेशन सीड्स कार्पोरेशन (एनएससी) से घरेलू बीज बाजार में अपनी भागीदारी को 4 प्रतिशत के मौजूदा स्तर से बढ़कर 25 प्रतिशत तक पहुंचने के लिए एक रोडमैप तैयार करने के लिए कहा है।
उन्होंने आश्वासन दिया है कि बीज बाजार में कीमतों में स्थिरता को बरकरार रखने के लिए सरकार प्राइवेट क्षेत्र की बीज कंपनियों का प्रभाव एवं प्रभुत्व घटाने तथा एनएससी को और अधिक मजबूत बनाने का हर संभव प्रयास करेगी।
कृषि मंत्री का कहना था कि उच्च क्वालिटी के बीजों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित होना अत्यन्त आवश्यक है और राष्ट्रीय बीज निगम (एनएससी) इसमें बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
सरकार नकली तथा घटिया किस्मों के बीज के मामले में सख्त कदम उठा रही है ताकि किसानों को अच्छा बीज प्राप्त हो सके। बरेली, हासन, सूरजगढ़, धारवाड़ तथा रायचूर में पांच सीड- प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित किए जा रहे हैं।
राष्ट्रीय बीज निगम को एक लक्ष्य नियत करने उसे हासिल कराने हेतु जोरदार प्रयास करने का सुझाव देते हुए कृषि मंत्री ने इस रास्ते में आने वाली चुनौतियों को पहचान करने के लिए कहा है ताकि उसे सही समय पर दूर किया जा सके।
मौजूदा समय में देश के लगभग 550 जिलों में एनएससी की मौजूदगी है जबकि उसे अन्य सभी जिलों तक अपने कारोबार का विस्तार करने के लिए कहा गया है।
