बिजाई कम होने से सौंफ में मंदे की संभावना नहीं

14-Jan-2025 06:17 PM

नई दिल्ली । गत सीजन में देश में सौंफ का रिकॉर्ड उत्पादन होने के कारण उत्पादकों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिला। जिस कारण से चालू सीजन के लिए प्रमुख उत्पादक राज्य गुजरात एवं राजस्थान में सौंफ की बिजाई कम क्षेत्रफल पर की गई है। गुजरात कृषि विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार गुजरात के सौंफ की बिजाई 57163 हेक्टेयर पर की गई है जबकि गत वर्ष बिजाई 1.33 लाख हेक्टेयर पर की गई थी। राजस्थान में भी बिजाई गत वर्ष की तुलना में 60/65 प्रतिशत मानी जा रही है। गत वर्ष देश में सौंफ का कुल बिजाई क्षेत्रफल 1.97 लाख हेक्टेयर का रहा था जबकि वर्ष 2023 में 90.54 हेक्टेयर पर सौंफ की बिजाई की गई थी। 

उत्पादन 

गत वर्ष अधिक बिजाई एवं बिजाई के पश्चात मौसम भी अनुकूल रहने से देश में सौंफ की पैदावार 38/40 लाख बोरी (प्रत्येक बोरी 55 किलो) की होने के अनुमान लगाए गए थे। जबकि वर्ष 2023 में सौंफ की पैदावार 20/21 लाख बोरी की रही थी। 

भाव 

वर्ष 2023 में देश में सौंफ का उत्पादन घटने के कारण कीमतों में अच्छी तेजी दर्ज की गई थी। प्राप्त जानकारी के अनुसार ऊंझा मंडी में जनवरी- 2024 में एवरेज क्वालिटी सौंफ का भाव 110/125 रुपए प्रति किलो चल रहा था जबकि वर्तमान में भाव 70/85 रुपए बोला जा रहा है। 

निर्यात भाव 

गत वर्ष जनवरी माह में सौंफ का निर्यात भाव 125/126 रुपए प्रति किलो चल रहा था जोकि नए मालों की आवक बढ़ने पर घटकर 65/67 रुपए पर आ गया था। वर्तमान में भाव 85/86 रुपए बोला जा रहा है। 

निर्यात अधिक 

गत सीजन में सौंफ की कीमतें कम रहने के कारण सौंफ के निर्यात में शानदार 148 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। मसाला बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार अप्रैल-अक्टूबर- 2024 के दौरान सौंफ का निर्यात 59830.98 टन का किया गया। जबकि गत अप्रैल-अक्टूबर 2023 में निर्यात 24091.58 टन का हुआ था। वर्ष 2024-25 के प्रथम सात माह में सौंफ का रिकॉर्ड निर्यात किया जा चुका है। इससे पूर्व वर्ष 2021-22 में सौंफ का रिकॉर्ड निर्यात 40139 टन का हुआ था।