बिजाई क्षेत्र में भारी गिरावट आने से कपास का उत्पादन घटने का अनुमान
06-Nov-2024 01:41 PM
नई दिल्ली। केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने कपास का घरेलू उत्पादन 2023-24 सीजन के 325.22 लाख गांठ से करीब 26 लाख गांठ घटकर 2024-25 के सीजन में 299.26 लाख गांठ पर सिमट आने का अनुमान लगाया है। कपास की प्रत्येक गांठ 170 किलो की होती है। अधिकारिक आकड़ो के अनुसार इससे पूर्व 2022-23 के सीजन में 336.60 लाख गांठ, 2021-22 में 311.18 लाख गांठ, 2020-21 में 352.48 लाख गांठ तथा 2019-20 में 360.65 लाख गांठ कपास का उत्पादन हुआ था। इस तरह 2018-19 सीजन के बाद यह पहला अवसर है जब कपास का घरेलू उत्पादन घटकर 300 लाख गांठ से नीचे आया है। 2018-19 के सीजन में कपास का उत्पादन 280.42 लाख गांठ हुआ था जबकि उससे पहले के तीन वर्षो में उत्पादन का स्तर 300 लाख गांठ से ऊंचा था।
दरअसल कपास का उत्पादक क्षेत्र पिछले साल 127 लाख हेक्टेयर के करीब पहुंचा था जो चालू वर्ष के दौरान लगभग 14 लाख हेक्टेयर घटकर 113 लाख हेक्टेयर के आस-पास रह गया। हैरानी की बात यह है कि केवल कर्नाटक एवं उड़ीसा को छोड़कर अन्य सभी प्रमुख उत्पादक प्रांतो में कपास का रकबा घट गया। इससे गुजरात, महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्रप्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा एवं पंजाब जैसे राज्य शामिल है। कर्नाटक एवं उड़ीसा में कपास की बिजाई क्षेत्र गत वर्ष के बराबर ही रहा। उसमे 3-4 हजार हेक्टेयर की मामूली बढ़ोत्तरी दर्ज की गई।
इसके आलावा अगस्त-सितंबर के दौरान प्रमुख उत्पादक राज्यों के विभिन्न भागो में अत्यंत मूसलाधार बारिश होने तथा विनाशकारी बाढ़ आने से कपास की फसल को भारी क्षति हुई। वैसे फसल पर इस बार कीड़ो-रोगो को प्रकोप कम देखा गया और प्राकृतिक आपदाओं की भयंकर मार झेलने के बाद जो फसल बच गई उसकी औसत उपज दर बेहतर रहने के संकेत मिल रहे है इसलिए कपास के कुल उत्पादन में केवल 26 लाख गांठ की गिरावट आने का अनुमान लगाया गया है। नई फसल की तुड़ाई -तैयारी पहले ही आरम्भ हो चुकी है।
