बिजाई क्षेत्र में वृद्धि के बावजूद गन्ना के उत्पादन में भारी गिरावट आने का अनुमान
07-Nov-2024 02:57 PM
नई दिल्ली । केन्द्रीय कृषि मंत्रालय के आंकड़ों से पता चलता है कि राष्ट्रीय स्तर पर गन्ना का कुल बिजाई क्षेत्र पिछले साल के 57.11 लाख हेक्टेयर से 57 हजार हेक्टेयर बढ़कर इस वर्ष 57.68 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया और दक्षिण-पश्चिम मानसून सीजन के दौरान भरपूर बारिश भी हुई लेकिन इसके बावजूद मंत्रालय ने अपने प्रथम अग्रिम अनुमान में इस महत्वपूर्ण व्यापारिक फसल के उत्पादन में भारी गिरावट आने की आशंका व्यक्त की है।
कृषि मंत्रालय के अनुसार 2023-24 के सीजन में 4531.58 लाख टन गन्ना का घरेलू उत्पादन हुआ था जबकि 2024-25 के वर्तमान मार्केटिंग सीजन में यह 132.28 लाख टन घटकर 4399.30 लाख टन पर सिमटने जाने की संभावना है।
दरअसल पिछले सीजन में भी गन्ना का उत्पादन कम हुआ था क्योंकि प्रमुख उत्पादक राज्यों में अगस्त 2023 के दौरान भयंकर सूखा पड़ने से फसल को क्षति हुई थी।
इस बार उत्पादन में गिरावट आने का कारण उससे विपरीत है। चालू वर्ष के दौरान जुलाई, अगस्त एवं सितम्बर माह के दौरान देश में सामान्य औसत से काफी अधिक बारिश हुई और अनेक महत्वपूर्ण उत्पादक इलाकों में या तो भयंकर बाढ़ का प्रकोप देखा गया या फिर खेतों में लम्बे समय तक पानी भरा रहा।
कृषि मंत्रालय के विपरीत शीर्ष उद्योग संस्था-इस्मा ने उपग्रह से प्राप्त चित्र के आधार पर गन्ना के बिजाई क्षेत्र में गिरावट आने का अनुमान लगाया है और इसके उत्पादन में कमी आने की संभावना व्यक्त की है।
इसके अनुरूप उसने चीनी का उत्पादन 2023-24 सीजन के 340.64 लाख टन से 7.64 लाख टन घटकर 2024-25 के वर्तमान मार्केटिंग सीजन में 333 लाख टन पर सिमटने का अनुमान लगाया है।
इसके तहत सबसे प्रमुख उत्पादक राज्य- महाराष्ट्र में सबसे अधिक गिरावट की संभावना व्यक्त की गई है जबकि उत्तर प्रदेश एवं कर्नाटक में उत्पादन लगभग बराबर रहने की उम्मीद जताई गई है।
महाराष्ट्र में 15 नवम्बर से गन्ना की क्रशिंग आरंभ होने वाली है लेकिन प्राइवेट चीनी मिलों के संगठन (विस्मा) ने आगाह किया है कि यदि चीनी के एक्स फैक्टरी न्यूनतम बिक्री मूल्य (एमएसपी) तथा एथनॉल के दाम में बढ़ोत्तरी नहीं की गई तो राज्य में गन्ना की क्रशिंग देर से शुरू हो सकती है जिससे चीनी का उत्पादन प्रभावित हो सकता है।
