चीन ने भारतीय चावल के तीन शिपमेंट को रिजेक्ट किया
25-Mar-2026 01:49 PM
नई दिल्ली। जेनेटिकली मोडिफाइड ऑर्गेनिज्म (जीएमओ) की उपस्थिति का बहाना बनाकर चीन ने भारतीय चावल की तीन खेपों को अस्वीकार कर दिया है। हालांकि इस शिपमेंट को चीन की एक एजेंसी द्वारा पहले ही प्रमाण पत्र दिया जा चुका था और चाइनीज आयातकों को पता है कि भारत में जीएम धान-चावल का उत्पादन नहीं होता है इसके बावजूद वहां चावल की तीन खेपों को रिजेक्ट कर दिया गया।
समझा जाता है कि चीन की यह सोची-समझी चाल है और इस बहाने उसके आयातक भारतीय निर्यातकों पर चावल का दाम घटाने का दबाव डाल सकते हैं। चाइनीज बंदरगाह से चावल की खेपों को वापस लौटाने पर भारतीय निर्यातकों को परेशानी होगी।
गैर बासमती चावल की इन खेपों को चीन के लिए रवाना किए जाने से पूर्व एक चाइनीज एजेंसी ने इसका निरीक्षण-परीक्षण किया था और पूरी तरह संतुष्ट होने के बाद इसके शिपमेंट को क्लीयरेंस दी थी। इसके बावजूद उस चावल में जीएमओ की उपस्थिति का बहाना करने उसे रिजेक्ट कर दिया गया।
भारत में किसी भी जीएम खाद्य फसल के व्यावसायिक उत्पादन की अनुमति नहीं है। जिन कंपनियों के चावल की खेप को चीन में अस्वीकार किया गया है उसने यह मुद्दा कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) तथा भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के समक्ष उठाते हुए उससे हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है।
चीन के आयातक एवं अधिकारियों ने निर्यातकों से एक ऐसे आधिकारिक डिक्लेरेशन की मांग की है जिसमें इस बात की पुष्टि की गई हो कि भारत में उत्पादित चावल जीएम श्रेणी का नहीं होता है।
