फीड का दाम उछलने से डेयरी क्षेत्र चिंतित
06-Jan-2026 04:27 PM
नई दिल्ली। पशु आहार तथा इसके निर्माण में इस्तेमाल होने वाले सभी इनपुट का भाव तेज होने से डेयरी क्षेत्र का संकट बढ़ने लगा है और उसके मार्जिन में कमी आने की आशंका है। वस्तुतः फीड की कीमतों में हुआ इजाफा डेयरी उत्पादकों के लिए चिंता का सबसे बड़ा कारण बना हुआ है।
मक्का, सोयामील, बिनौला केक तथा चारा- सबके दाम में बढ़ोत्तरी हुई है। छोटे-छोटी पशु पालक इस मूल्य वृद्धि को बर्दाश्त करने में सक्षम नहीं हो रहे हैं। पशु आहार की कीमतों में भी तेजी आई है।
डेयरी उद्योग के एक अग्रणी विश्लेषक के अनुसार फीड के दाम में आई तेजी के अनुरूप दूध की कीमतों में बढ़ोत्तरी नहीं हो रही है इसलिए डेयरी क्षेत्र का समीकरण बिगड़ने लगा है।
यदि पशुपालक अच्छी क्वालिटी के फीड के उपयोग में कटौती करते हैं तो तरल दूध में वसा एवं एसएनएफ (सॉलिड- नॉट फैट्स) का अंश घट जाता है। इसके फलस्वरूप उसे कीमत भी कम मिलती है।
इस तरह उसे दोनों ओर से नुकसान उठाना पड़ता है। पिछले एक साल से पशु पालकों के उत्पादकता का स्तर बरकरार रखने के लिए कठिन संघर्ष करना पड़ रहा है। जिन पशु पालकों के पास 4-6 पशु हैं उन्हें और भी गंभीर समस्या झेलनी पड़ रही है।
मक्का का भाव पिछले साल के शुरूआती महीनों में काफी तेज रहा था लेकिन अंतिम तिमाही में कुछ नरम पड़ गया। अब सोयाबीन का भाव बढ़ने से सोयामील की कीमतों में तेजी आने लगी है।
इसी तरह कॉटन सीड (बिनौला) ऑयल केक का भाव ऊंचे स्तर पर चल रहा है। हरे चारे का दाम भी बढ़ गया है। ऐसी हालत में डेयरी उद्योग के हितों की रक्षा के लिए सरकार को हस्तक्षेप करना चाहिए।
