गेहूं का रकबा रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने से उत्पादन शानदार होने की उम्मीद

06-Jan-2026 08:34 PM

नई दिल्ली। रबी सीजन के सबसे प्रमुख खाद्यान्न- गेहूं की खेती में इस बार किसानों का उत्साह एवं आकर्षक चरण पर पहुंच गया है क्योंकि इससे उन्हें बेहतर आमदनी प्राप्त होने का पक्का भरोसा है। केन्द्रीय कृषि मंत्रालय के नवीनतम आंकड़ों से पता चलता है

कि चालू रबी सीजन के दौरान 2 जनवरी 2026 तक गेहूं का कुल उत्पादन क्षेत्र उछलकर 334.17 लाख हेक्टेयर के सर्वकालीन सर्वोच्च स्तर पर पहुंच गया जो पिछले साल की समान अवधि के रिकॉर्ड बिजाई क्षेत्र 328.04 लाख हेक्टेयर से 6.13 लाख हेक्टेयर ज्यादा है।

इस बार गेहूं का सामान्य औसत क्षेत्रफल 312.35 लाख हेक्टेयर निर्धारित हुआ है जिसके मुकाबले वास्तविक रकबा काफी आगे निकल गया है। बिजाई की प्रक्रिया लगभग पूरी हो गई है।  

कृषि विशेषज्ञों के अनुसार गेहूं की फसल के लिए मौसम की हालत काफी हद तक अनुकूल बनी हुई है और यदि यह सिलसिला जारी रहा

तो 2025-26 के रबी सीजन में इस महत्वपूर्ण- खाद्यान्न का उत्पादन उछलकर नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच सकता है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार 2024-25 के रबी सीजन में 1179 लाख टन गेहूं का रिकॉर्ड उत्पादन हुआ था। 2025-26 सीजन के लिए 1190 लाख टन के उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार कुल क्षेत्रों में गेहूं की लेट बिजाई जारी है और केन्द्रीय कृषि मंत्रालय के पास रकबे की सूचना भी देरी से पहुंच रही है। इसे देखते हुए प्रतीत होता है कि सीजन के अंत तक इसका कुल उत्पादन क्षेत्र कुछ और बढ़कर 335-336 लाख हेक्टेयर पर पहुंच सकता है।

भारतीय गेहूं एवं जौ अनुसंधान संस्थान, करनाल ने 15 जनवरी 2026 तक के लिए जारी अपनी एडवाइजरी में कहा है कि मौसम की अनुकूल स्थिति से गेहूं की फसल का बेहतर ढंग से विकास हो रहा है मगर फसल में कीड़ों-रोगों के प्रकोप की आशंका बनी हुई है इसलिए किसानों को गहरी नजर रखने तथा अपने खेतों की नियमित निगरानी करने की आवश्यकता है।