गेहूं की रिकॉर्ड बिजाई से रबी फसलों का रकबा गत वर्ष से काफी आगे

06-Jan-2026 12:52 PM

नई दिल्ली। सबसे प्रमुख खाद्यान्न- गेहूं, सबसे प्रमुख दलहन- चना, सबसे प्रमुख मोटे अनाज- मक्का तथा सबसे प्रमुख तिलहन-सरसों की बिजाई में शानदार बढ़ोत्तरी होने से रबी फसलों का कुल उत्पादन क्षेत्र 2 जनवरी 2026 तक उछलकर 634.14 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया

जो पिछले साल की समान अवधि के बिजाई क्षेत्र 617.74 लाख हेक्टेयर से 16.40 लाख हेक्टेयर ज्यादा मगर पंचवर्षीय औसत क्षेत्रफल 637.81 लाख हेक्टेयर से 3.67 लाख हेक्टेयर है। 2024-25 के दौरान रबी फसलों का कुल उत्पादन क्षेत्र 659.39 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा था जिसके मुकाबले रकबा अभी काफी पीछे है। 

केन्द्रीय कृषि मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार पिछले सीजन की तुलना में मौजूदा रबी सीजन के दौरान राष्ट्रीय स्तर पर गेहूं का उत्पादन क्षेत्र 328.24 लाख हेक्टेयर से उछलकर 334.17 लाख हेक्टेयर के सर्वकालीन सर्वोच्च स्तर पर पहुंच गया। इसी तरह धान का उत्पादन क्षेत्र 14.90 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 17.57 लाख हेक्टेयर,

दलहनों का बिजाई क्षेत्र 130.87 लाख हेक्टेयर बढ़कर 134.30 लाख हेक्टेयर मोटे अनाजों का रकबा 50.66 लाख हेक्टेयर से सुधरकर 51.79 लाख हेक्टेयर तथा तिलहन फसलों के क्षेत्रफल 93.27 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 96.30 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया। 

गेहूं और तिलहन फसलों का उत्पादन क्षेत्र पंचवर्षीय औसत क्षेत्रफल से काफी आगे निकल गया है लेकिन धान, दलहन एवं मोटे अनाज का बिजाई क्षेत्र अभी पीछे है। दक्षिण भारत में रबी कालीन धान की खेती नियमित रूप से जारी है जो जनवरी के अंत तक कायम रहेगी। 

गत वर्ष के मुकाबले इस बार चना का उत्पादन क्षेत्र 91.22 लाख हेक्टेयर से उछलकर 95.88 लाख हेक्टेयर, सरसों का बिजाई क्षेत्र 86.57 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 89.36 लाख हेक्टेयर तथा मक्का का रकबा 21.87 लाख हेक्टेयर से सुधरकर 23.32 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया है। जौ के बिजाई क्षेत्र में भी वृद्धि हुई है जबकि बिजाई पुरी हो चुकी है।