गेहूं पर लागू भंडारण सीमा समाप्त होने से कीमतों में मजबूती संभव
06-Feb-2026 10:45 AM
नई दिल्ली। घरेलू प्रभाग में आपूर्ति एवं उपलब्धता की स्थिति सुगम होने तथा कीमत काफी हद तक स्थिर रहने से केन्द्र सरकार ने गेहूं पर लागू भंडारण सीमा (स्टॉक लिमिट) का आदेश वापस ले लिया है।
इससे इस महत्वपूर्ण खाद्यान्न के दाम में कुछ सुधार आने की उम्मीद है। त्यौहारी सीजन से पूर्व किए गए इस निर्णय का घरेलू बाजार पर सकारात्मक असर तो पड़ सकता है लेकिन कीमतों में जोरदार तेजी आने की संभावना कम है क्योंकि गेहूं का अगला उत्पादन शानदार होने वाला है।
केन्द्रीय खाद्य, उपभोक्ता मामले एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रलय द्वारा जारी एक सर्कुलर के अनुसार 27 मई 2025 को गेहूं पर भंडारण सीमा का आदेश लागू करते हुए सभी सम्बद्ध पक्षों से सरकारी पोर्टल पर नियमित रूप से अपने स्टॉक का विवरण देने के लिए कहा गया था।
इस ब्यौरे से पता चलता है कि उद्योग-व्यापार क्षेत्र के पास करीब 81 लाख टन गेहूं का स्टॉक मौजूद है जो पिछले साल की तुलना में करीब 30 लाख टन ज्यादा है। सरकारी गोदामों में भी गेहूं का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है जिससे खाद्य सुरक्षा के लिए कहीं कोई खतरा नहीं है।
अगले महीने के दूसरे हाफ से गेहूं के नए माल की छिटपुट आवक शुरू होने की संभावना है जबकि अप्रैल से इसकी जोरदार आपूर्ति आरंभ हो जाएगी। समझा जाता है कि गेहूं का थोक मंडी भाव सुधरने पर ओएमएसएस के तहत खाद्य निगम को भी अपने स्टॉक की बिक्री बढ़ाने में सहायता मिल सकती है।
त्यौहारी सीजन एवं लग्नसरा सीजन के कारण गेहूं उत्पादों की मांग एवं खपत बढ़ने की उम्म्मीद की जा रही है। मालूम हो कि सरकार 5 लाख टन गेहूं उत्पादों के व्यापारिक निर्यात की अनुमति पहले ही प्रदान कर चुकी है। उद्योग-व्यापार क्षेत्र ने भंडारण सीमा हटाने के निर्णय का स्वागत किया है।
