गुजरात में मूंगफली एवं कपास सहित खरीफ फसलों के कुल क्षेत्रफल में अच्छी वृद्धि

26-Jun-2025 11:08 AM

अहमदाबाद। देश के पश्चिमी भाग में अवस्थित एक महत्वपूर्ण कृषि उत्पादक राज्य- गुजरात में खरीफ फसलों की बिजाई की स्थिति गत वर्ष से बेहतर है और खासकर मूंगफली तथा कपास के क्षेत्रफल में भारी बढ़ोत्तरी देखी जा रही है।

राज्य कृषि विभाग द्वारा जारी नवीनतम साप्ताहिक आंकड़ों के अनुसार चालू वर्ष के दौरान 23 जून तक गुजरात में खरीफ फसलों का कुल उत्पादन क्षेत्र बढ़कर 18.30 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया

जो पिछले साल की समान अवधि के बिजाई क्षेत्र 9.94 लाख हेक्टेयर से करीब दोगुना ज्यादा एवं सामान्य औसत क्षेत्रफल 85.58 लाख हेक्टेयर का 21.4 प्रतिशत है। उल्लेखनीय है कि गुजरात मूंगफली, कपास तथा अरंडी का सबसे प्रमुख उत्पादक राज्य माना जाता है। 

उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार समीक्षाधीन अवधि के दौरान गुजरात में अनाजी फसलों का उत्पादन क्षेत्र 2 हजार हेक्टेयर से बढ़कर 4 हजार हेक्टेयर, दलहन फसलों का बिजाई क्षेत्र 3914 हेक्टेयर से सुधरकर 4145 हेक्टेयर तथा तिलहन फसलों का क्षेत्रफल 3.27 लाख हेक्टेयर से उछलकर 9.57 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा है।

इसके अलावा वहां कपास का उत्पादन क्षेत्र 5.80 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 7.58 लाख हेक्टेयर हो गया। लेकिन ग्वार की बिजाई पीछे चल रही है। उपरोक्त खरीफ फसलों के साथ-साथ गुजरात में तम्बाकू, सब्जी तथा चारा सहित कई अन्य फसलों की खेती भी बड़े पैमाने पर होती है। 

दलहन फसलों में पिछले साल के मुकाबले इस बार तुवर एवं मूंग का रकबा घटा है जबकि उड़द के क्षेत्रफल में मामूली बढ़ोत्तरी हुई है। वास्तविकता तो यह है कि गुजरात में दलहन फसलों की बिजाई अभी आरंभ ही हुई है। वहां इसका सामान्य औसत क्षेत्रफल 4.03 लाख हेक्टेयर आंका गया है। 

तिलहन फसलों में मूंगफली का रकबा गत वर्ष के 3.24 लाख हेक्टेयर से उछलकर इस वर्ष 9.06 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा है मगर तिल का बिजाई क्षेत्र 854 हेक्टेयर से गिरकर 463 हेक्टेयर रह गया है।

इसी तरह सोयाबीन का उत्पादन क्षेत्र 3 हजार हेक्टेयर से उछलकर 51 हजार हेक्टेयर पर पहुंच गया है जबकि अरंडी की बिजाई अभी शुरुआती दौर में हैं।