इस्मा द्वारा सरकार से एथनॉल का मूल्य अविलम्ब बढ़ाने की मांग

05-Nov-2024 03:34 PM

नई दिल्ली । शीर्ष उद्योग संस्था- इंडियन शुगर एण्ड बायो एनर्जी मैन्युफैक्चर्स एसोसिएशन (इस्मा) चीनी उद्योग में आगे संकट गहराने की आशंका व्यक्त करते हुए आगाह किया है कि यदि एथनॉल के दाम में तत्काल बढ़ोत्तरी की घोषणा नहीं की गई तो अनेक चीनी मिलों को कठिन संघर्ष के दौर से गुजरना पड़ सकता है।

चीनी के दाम में जारी उतार-चढ़ाव को देखते हुए एथनॉल का उत्पादन मिलर्स एवं डिस्टीलर्स के लिए आमदनी (राजस्व) का एक महत्वपूर्ण स्रोत बन गया है।

इस्मा के अध्यक्ष के अनुसार इस मामले में सरकार को तुरंत हस्तक्षेप करने की जरूरत है। चीनी उद्योग की स्थिरता सुनिश्चित होनी चाहिए और एथनॉल मिश्रण कार्यक्रम को सहारा और सहयोग दिया जाना चाहिए।

महाराष्ट्र सहित देश के कुछ अन्य प्रांतों में गन्ना की क्रशिंग का सीजन शुरू करने में देर हो रही है और चीनी का भाव नरम पड़ता जा रहा है।

एथनॉल से मिलर्स को बेहतर राजस्व प्राप्त होने की उम्मीद रहती है और इससे उन्हें चीनी के दाम में गिरावट आने पर होने वाले आर्थिक नुकसान की भरपाई करने में सहायता मिलती है। 

महाराष्ट्र एवं कर्नाटक जैसे अग्रणी चीनी उत्पादक राज्यों में मध्य नवम्बर से गन्ना की क्रशिंग का अभियान आरंभ होने वाला है जबकि महाराष्ट्र में विधान सभा चुनाव के कारण क्रशिंग में और भी देर हो सकती है।

पिछले साल चीनी का औसत मूल्य 38 रुपए प्रति किलो था जो अब घटकर 35-36 रुपए प्रति किलो पर आ गया है। मिलर्स के पास चीनी का भारी स्टॉक मौजूद है। गन्ना की कीमत 6 प्रतिशत बढ़ गई है। इसे ध्यान में रखा जाना चाहिए।