जीएम सोयाबीन मील के आयात की अनुमति नहीं देने का आग्रह
05-Feb-2026 08:56 PM
इंदौर। एक अग्रणी उद्योग संस्था- सोयाबीन प्रोसेसर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सोपा) ने केन्द्रीय वाणिज्य मंत्री को पत्र भेजकर उनमें जेनेटिकली मोडिफाइड (जीएम) सोयाबीन से निर्मित सोया मील के आयात की अनुमति नहीं देने का आग्रह किया है।
इसी तरह का आग्रह केन्द्रीय कृषि मंत्री, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री, पशु पालन, मत्स्य पालन तथा डेयरी विकास मंत्री और सम्बद्ध मंत्रालयों / विभागों के सचिवों से भी किया गया है। सोपा द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि यह एक गंभीर मुद्दा है।
सोपा के चेयरमैन के अनुसार यद्यपि सुनने में आया है कि पोल्ट्री उद्योग जीएम सोयामील के आयात की अनुमति मांग रहा है मगर सोयाबीन उत्पादकों एवं प्रोसेसर्स की ओर से इस पर गंभीर चिंता व्यक्त कर रहा है
और पॉल्ट्री उद्योग की मांग से सहमत नहीं है। घरेलू मांग एवं जरूरत को पूरा करने के लिए देश में सोयामील का पर्याप्त उत्पादन होता है। यह भारत के लाखों सोयाबीन उत्पादक किसानों के हितों से जुड़ा मामला है इसलिए पॉल्ट्री उद्योग की मांग स्वीकार नहीं की जानी चाहिए।
जहां तक सोयामील का सवाल है तो इसकी कीमतों का संचालन उद्योग द्वारा नहीं बल्कि बाजार द्वारा होता है। सोयाबीन के घरेलू बाजार भाव तथा सोया तेल के वैश्विक बाजार मूल्य के अनुरूप सोयामील की कीमतों में उतार-चढ़ाव आता है। यदि जीएम सोयामील का आयात शुरू हो गया तो स्वदेशी किसानों एवं मिलर्स को भारी नुकसान होगा।
