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14-Oct-2026 10:47 AM
नई दिल्ली। दक्षिण-पश्चिम मानसून सीजन के दौरान देश के कुछ राज्यों में बारिश कम या बहुत कम होने के कारण न केवल खरीफ फसलों को नुकसान पहुंच रहा है बल्कि ऊंचे तापमान के कारण खेतों की मिटटी में नमी का अभाव होने से रबी फसलों की बिजाई में बाधा पड़ने की आशंका भी है। इतना ही नहीं बल्कि अल नीनो मौसम चक्र की वजह से यदि आगामी समय में बारिश कम हुई तो रबी फसलों पर कीड़ों-रोगों का प्रकोप भी बढ़ सकता है।
रबी सीजन में गेहूं, जौ, चना, मसूर, मटर, सरसों एवं अलसी आदि फसलों की खेती बड़े पैमाने पर होती है। इसके अलावा धान, मक्का, ज्वार, मूंग, उड़द, तिल सूरजमुखी और मूंगफली जैसी फसलों का भी उत्पादन होता है।
महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश एवं तमिलनाडु सहित कुछ अन्य राज्यों में मानसून की बारिश कम हुई। इसके अलावा कई राज्य ऐसे हैं जिसके कुछ भाग में अच्छी बारिश हुई मगर कुछ अन्य हिस्सों में वर्षा का अभाव रहा।
वर्षा के वितरण में यह क्षेत्रीय असमानता रबी फसलों की बिजाई पर गहरा प्रतिकूल असर डाल सकती है। बिहार, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश एवं गुजरात जैसे राज्य इस श्रेणी में आते हैं। दक्षिण भारत में उत्तर-पूर्व मानसून की वर्षा से काफी उम्मीदें हैं लेकिन साथ ही साथ अल नीनो का खतरा भी बना हुआ है।