क्रूड तेल एवं पाम तेल का दाम ऊंचा रहने पर उपभोक्ता उत्पाद होंगे महंगे
07-Apr-2026 04:09 PM
मुम्बई। उपभोक्ता उत्पादों के निर्माण एवं कारोबर में संलग्न एक नामी-गिरामी कम्पनी का कहना है कि यदि क्रूड खनिज तेल का वैश्विक बाजार भाव 100-110 डॉलर प्रति बैरल तथा क्रूड पाम तेल का वायदा मूल्य मलेशिया में 4500-4800 रिंगिट प्रति टन के बीच बरकरार रहा तो भारत में उपभोक्ता उत्पादों की कीमतों में 6 से 9 प्रतिशत तक का इजाफा हो सकता है।
पश्चिम एशिया में संकट अभी समाप्त नहीं हुआ है। अमरीका और इजरायल के साथ ईरान का भयंकर युद्ध जारी है। होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की सीमित निकासी हो रही है जिससे पेट्रोलियम की आपूर्ति में बाधा पड़ रही है और कीमत ऊंचे स्तर पर बरकरार है।
इसी तरह साबुन तथा पर्सनल केयर वाले उत्पादों के निर्माण में इस्तेमाल होने वाले एक प्रमुख इनपुट- पाम तेल डेरिवेटिव्स का भाव ऊंचा होने और क्रूड खनिज तेल से जुड़ी पैकेजिंग का खर्च बढ़ने के साथ-साथ परिवहन खर्च में भी वृद्धि होने से उपभोक्ता उत्पादों का दाम बढ़ने के आसार हैं।
पिछले साल के अंतिम महीनों में सरकार द्वारा जीएसटी की दरों में की गई कटौती के कारण एफएमसीजी कंपनियों के उत्पादों की मांग में सुधार आना शुरू हो गया था मगर अब नई समस्या से कंपनियों की कठिनाई बढ़ जाएगी।
पिछले दिन ब्रेंट क्रूड तेल का वायदा भाव बढ़कर 109.13 डॉलर प्रति बैरल तथा मलेशियाई पाम तेल का वायदा मूल्य उछलकर 4812 रिंगिट (1195.53 डॉलर) प्रति टन पर पहुंच गया।
