कॉटन यार्न उद्योग की विकास दर 9 प्रतिशत रहने का अनुमान
05-May-2025 04:27 PM
नई दिल्ली । निर्यात बाजार के सकारात्मक रुख एवं घरेलू मांग की अनुकूल स्थिति को देखते हुए 2025-26 के मौजूदा वित्त वर्ष के दौरान भारतीय कॉटन यार्न उद्योग के राजस्व (आमदनी) में 7 से 9 प्रतिशत तक की बढ़ोत्तरी होने का अनुमान है जो वित्त वर्ष 2024-25 में 2 से 4 प्रतिशत के बीच ही रही थी।
एक अग्रणी रेटिंग एजेंसी के अनुसार चालू वर्ष के दौरान कॉटन यार्न की निर्यात मात्रा में अच्छी वृद्धि होने की उम्मीद है जिससे निर्यात आमदनी में इजाफा होगा। इसके अलावा कॉटन यार्न की कीमतों में भी कुछ सुधार आने के आसार हैं।
पिछले वित्त वर्ष के दौरान कॉटन यार्न उद्योग के ऑपरेटिंग मार्जिन (संचालनीय लाभ) में कुछ सुधार आने के संकेत मिले थे जबकि चालू वित्त वर्ष के दौरान उसमें कुछ और वृद्धि होने की उम्मीद है
क्योंकि कॉटन यार्न स्प्रैड में स्थिरता बनी हुई है और सरकारी एजेंसी- भारतीय कपास निगम (सीसीआई) के पास रूई का अच्छा खासा स्टॉक भी मौजूद है जिससे उद्यमियों को नियमित रूप से कच्चे माल की आपूर्ति जारी रहेगी।
रेटिंग एजेंसी का उपरोक्त अनुमान 70 कॉटन यार्न स्पिनर्स से की गई पूछताछ के आंकड़ों के विश्लेषण पर आधारित है। देश में कॉटन यार्न उद्योग के सकल राजस्व में इन 70 स्पिनर्स की भागीदारी 35-40 प्रतिशत तक रहती है।
चालू वित्त वर्ष के दौरान खासकर चीन को भारतीय कॉटन यार्न के निर्यात में शानदार बढ़ोत्तरी होने की उम्मीद है। उद्योग के कुछ राजस्व में निर्यात आमदनी का योगदान करीब 30 प्रतिशत रहता है जिसमें अकेले चीन की हिस्सेदारी 14 प्रतिशत के करीब रहती है।
उद्योग को घरेलू प्रभाग में बिक्री से 70 प्रतिशत आमदनी प्राप्त होती है। 2023-24 के मुकाबले वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान चीन को भारतीय कॉटन यार्न के निर्यात में गिरावट दर्ज की गई
क्योंकि चीन में कपास के उत्पादन में अप्रत्याशित बढ़ोत्तरी हो गई थी। इसके फलस्वरूप भारत से कॉटन यार्न के सकल निर्यात में 5-7 प्रतिशत की कमी आ गई थी।
