महाराष्ट्र में किसानों को हताशा में सोयाबीन की बिक्री नहीं करने का सुझाव

29-Oct-2025 11:17 AM

मुम्बई। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने सोयाबीन उत्पादकों से आग्रह किया है कि वे हताश-निराशा में औने-पौने दाम पर अपना माल बेचने का प्रयास न करें क्योंकि इसकी सरकारी खरीद शीघ्र ही शुरू होने वाली है।

जो किसान न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर अपना उत्पाद सरकारी एजेंसियों को बेचने के इच्छुक हैं उसका रजिस्ट्रेशन जल्दी ही आरंभ हो जाएगा। सोयाबीन का एमएसपी इस बार 436 रुपए बढ़ाकर 5328 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। 

मुख्यमंत्री के अनुसार आमतौर पर व्यापारी किसानो से कम दाम पर सोयाबीन की खरीद कर लेते हैं और फिर उसे एमएसपी पर सरकारी एजेंसी को बेच देते हैं।

इस प्रक्रिया पर अंकुश लगाने के लिए सरकार सीधे किसानों से सोयाबीन खरीदना चाहती है। साथ ही साथ उन्होंने यह भी कहा कि जिन किसानों को खुले बाजार में एमएसपी या उससे ऊंचा मूल्य प्राप्त हो रहा है वे वहां अपना उत्पाद बेचने के लिए स्वतंत्र हैं। 

मुख्यमंत्री ने बाढ़-वर्षा से प्रभावित किसानों के लिए अतिरिक्त राहत की घोषणा भी की है। उनका कहना था कि सरकार करीब 40 लाख प्रभावित किसानों के बीच 8000 करोड़ रुपए पहले ही वितरित कर चुकी है जबकि राज्य मंत्रिमंडल ने अब 11,000 करोड़ रुपए की अतिरिक्त राशि को मंजूरी प्रदान की है जो 15 दिनों के अंदर किसानों के पास पहुंच जाएगी।

मुख्यमंत्री ने दावा किया कि लगभग 90 प्रतिशत प्रभावित किसानों को अगले 20 दिनों के अंदर सहायता राशि प्राप्त हो जाएगी। इसके लिए आवश्यक तैयारी की जा रही है। 

उल्लेखनीय है कि इस वर्ष महाराष्ट्र में सोयाबीन के बिजाई क्षेत्र में कमी आ गई और प्राकृतिक आपदाओं से भी फसल को नुकसान हुआ। इसके फलस्वरूप उत्पादन में गिरावट आने की संभावना है। किसानों को बेहतर मूल्य प्राप्त होने की उम्मीद थी लेकिन मंडी भाव अत्यन्त नीचे होने से उत्पादक निराश हो गए थे।

महाराष्ट्र की मंडियों में सोयाबीन का लूज भाव घटकर 3800-4000 रुपए प्रति क्विंटल पर आ गया है जो सरकारी समर्थन मूल्य 5328 रुपए प्रति क्विंटल से करीब 30 प्रतिशत कम है।

किसानों को सोयाबीन की सरकारी खरीद शुरू होने का बेसब्री से इंतजार है। संभवत: कल यानी 30 अक्टूबर से किसानों का रजिस्ट्रेशन शुरू हो सकता है।