मक्का एवं ज्वार के सहारे मोटे अनाजों का उत्पादन बढ़ने का अनुमान

05-Nov-2024 06:09 PM

नई दिल्ली । पिछले साल के मुकाबले इस वर्ष मक्का तथा ज्वार के बिजाई क्षेत्र में अच्छी वृद्धि हुई और मौसम भी काफी हद तक अनुकूल रहा जिससे इसके उत्पादन में इजाफा होने की उम्मीद है।

बाजरा का क्षेत्रफल कुछ घट गया जबकि रागी को फसल के भारी वर्षा एवं बाढ़ से नुकसान हुआ इसलिए इसकी पैदावार में गिरावट आने की संभावना है। 

केन्द्रीय कृषि मंत्रालय के प्रथम अग्रिम अनुमान के अनुसार 2024-25 के खरीफ सीजन में मोटे अनाजों का सकल घरेलू उत्पादन बढ़कर 378.18 लाख टन पर पहुंच सकता है जो 2023-24 सीजन के समीक्षित उत्पादन 355.35 लाख टन से 22.83 लाख टन ज्यादा है। 

पिछले साल की तुलना में चालू खरीफ मार्केटिंग सीजन के दौरान राष्ट्रीय स्तर पर सबसे प्रमुख मोटे अनाज- मक्का का उत्पादन 222.45 लाख टन से 22.96 लाख टन उछलकर 245.41 लाख टन  का उत्पादन 15.09 लाख टन से 6.87 लाख टन बढ़कर 21.96 लाख टन पर पहुंच जाने का अनुमान है

जबकि दूसरी ओर बाजरा की पैदावार 96.63 लाख टन से 2.88 लाख टन घटकर 93.75 लाख टन तथा रागी की पैदावार 16.70 लाख टन से 2.80 लाख टन गिरकर 13.90 लाख टन पर सिमट जाने की संभावना है।

इसी तरह स्माल मिलेट्स का उत्पादन भी गत वर्ष के 4.49 लाख टन से 1.34 लाख टन फिसलकर इस बार 3.15 लाख टन रह जाने की उम्मीद है। श्री अन्न का कुल उत्पादन 132.90 लाख टन की तुलना में 132.77 लाख टन पर अटक सकता है। 

2024-25 के खरीफ सीजन में लगभग सभी प्रमुख उत्पादक राज्यों में मक्का के बिजाई क्षेत्र में थोड़ी-बहुत बढ़ोत्तरी दर्ज की गई क्योंकि एक तो इसका बाजार भाव ऊंचा तथा तेज चल रहा था और दूसरे इसके एमएसपी में भी अच्छी बढ़ोत्तरी की गई है।