मध्य प्रदेश में 25 अक्टूबर से शुरू होगी सोयाबीन की सरकारी खरीद

25-Sep-2024 06:17 PM

इंदौर । मध्य प्रदेश में किसानों में न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर सोयाबीन की सरकारी खरीद 25 अक्टूबर से आरंभ करने का निर्णय लिया गया है जबकि खरीद की प्रक्रिया चालू वर्ष के अंत यानी 31 दिसम्बर 2024  तक जारी रहेगी। इस अवधि में किसानों से लगभग 14 लाख टन सोयाबीन खरीदा जाएगा।

न्यूनतम समर्थन मूल्य पर अपना उत्पाद बेचने के इच्छुक किसानों को रजिस्ट्रेशन करवाना आवश्यक होगा। पंजीकरण की प्रकिया आज यानी 25 सितम्बर से आरंभ हो गई।

मध्य प्रदेश में सोयाबीन का मंडी भाव घटकर सरकारी समर्थन मूल्य से नीचे आ गया है जिससे किसानों की चिंता एवं परेशानी बढ़ गई है। 

मध्य प्रदेश भारत में सोयाबीन का सबसे प्रमुख उत्पादक प्रान्त माना जाता है जबकि महाराष्ट्र दूसरे एवं राजस्थान तीसरे नम्बर पर रहता है।

हालांकि 2022-23 के सीजन में महाराष्ट्र ने सोयाबीन के उत्पादन में मध्य प्रदेश को दूसरे स्थान पर धकेलते हुए स्वयं पहला स्थान हासिल कर लिया था मगर 2023-24 के सीजन में मध्य प्रदेश ने पुनः नम्बर वन उत्पादक राज्य का दर्जा प्राप्त किया।

चालू खरीफ सीजन के दौरान मध्य प्रदेश में सोयाबीन का बिजाई क्षेत्र करीब 52 लाख हेक्टेयर रहा जबकि इसका कुछ उत्पादन 50 लाख टन से अधिक होने का अनुमान है। 

सोयाबीन का न्यूनतम समर्थन मूल्य पिछले साल की तुलना में इस बार 4600 रुपए प्रति क्विंटल से 292 रुपये या 6.3 प्रतिशत बढ़ाकर 4892 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है।

सरकार का उद्देश्य किसानों से अच्छी मात्रा में खरीद करके सोयाबीन का बाजार भाव कुछ ऊपर उठाना है ताकि किसानों को कम से कम एमएसपी प्राप्त हो सके। नई फसल की आवक अगले महीने से जोर पकड़ेगी लेकिन समर्थन मूल्य पर अपना उत्पाद बेचने के लिए किसानों को 25 अक्टूबर तक इंतजार करना पड़ेगा।