नेपाल में सीमित स्टॉक तथा कमजोर उत्पादन से बड़ी इलायची में तेजी संभव

05-Nov-2024 03:43 PM

राजबिराज  । भारत के उत्तरी पड़ोसी देश- नेपाल में मौसम की हालत अनुकूल नहीं होने से बड़ी (काली) इलायची की फसल प्रभावित हो रही है जिससे इसके उत्पादन में भारी गिरावट आने की आशंका व्यक्त की जा रही है।

व्यापार विश्लेषकों के मुताबिक नेपाल में पिछला बकाया स्टॉक काफी घट गया है। दिसम्बर-जनवरी में वहां नए माल की आवक शुरू होती है। पिछले सीजन के आरंभ में वहां करीब 35 हजार बोरी इलायची का पिछला बकाया स्टॉक मौजूद था और 40 हजार बोरी के उत्पादन के साथ कुल उपलब्धता 75 हजार बोरी तक पहुंच गई। 

भारत सहित अन्य देशों की मजबूत मांग के कारण नेपाल से विशाल मात्रा में बड़ी इलायची का निर्यात हो रहा है जिससे अगले माल की आपूर्ति का सीजन आरंभ होने तक वहां बकाया स्टॉक घटकर 15-20 हजार बोरी पर सिमट सकता है।

यदि अगला उत्पादन 35-40  हजार बोरी भी आंका जाए तो कुल उपलब्धता 55-60 हजार बोरी तक ही पहुंच पाएगी। ऐसी हालत में निर्यात मांग मजबूत रहने पर वहां कीमतों में अच्छी तेजी आ सकती है।

एक और खास बात यह है कि नेपाल में बड़ी इलायची का जो स्टॉक बचा हुआ है वह स्टॉकिस्टों एवं सटोरिया के हाथ में है जबकि उत्पादक अपना अधिकांश माल पहले ही बेच चुके हैं।

इन स्टॉकिस्टों / सटोरियों की निगाह अगली फसल पर भी केन्द्रित है जो सीजन में सस्ते दाम पर माल खरीद कर उसका स्टॉक बनाने तथा ऑफ या लीन सीजन में ऊंचे मूल्य पर उसकी बिक्री करके मोटा मुनाफा कमाने का प्रयास कर सकते हैं। इससे भारत में वहां से बड़ी इलायची का आयात महंगा बैठ सकता है। 

स्वयं भारत में बड़ी इलायची की फसल कमजोर बताई जा रही है और गंगटोक तथा सिलीगुड़ी के साथ-साथ भूटान में भी इसका सीमित स्टॉक उपलब्ध है।

इसके फलसवरूप जोरदार सीजनल आपूर्ति का समय छोटा रह सकता है और फिर इसका भाव तेज हो सकता है। लेकिन कीमतों में तेजी इसकी घरेलू एवं निर्यात मांग पर निर्भर करेगी।

बड़ी इलायची के नए माल की तुड़ाई-तैयारी का पहला चरण समाप्त हो चुका है और अब दूसरा चरण आरंभ हो गया है जिसे मुख्य चरण माना जाता है। इस चरण में माल की क्वालिटी अच्छी रहती है।