नेपाल से रिफाइंड खाद्य तेलों के आयात पर अंकुश लगाने की सख्त जरूरत

20-Jul-2026 05:26 PM

नई दिल्ली। स्वदेशी वनस्पति तेल उद्योग एवं व्यापार क्षेत्र के एक अग्रणी संगठन- इंडियन वैजिटेबल ऑयल प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन (आईवीपीए) ने नेपाल से हो रहे शुल्क मुक्त रिफाइंड खाद्य तेलों के रिकॉर्ड आयात पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए केन्द्र सरकार से इस पर सख्त अंकुश लगाने हेतु तत्काल नीतियों की समीक्षा करने का आग्रह किया है। 

एसोसिएशन के अनुसार साउथ एशिया फ्री ट्रेड एरिया (साफ्टा), फ्रेमवर्क के अंतर्गत नेपाल से महज दो वर्षों के अंदर खाद्य तेलों के आयात में 17 गुणा से अधिक की बढ़ोत्तरी हो गई। वहां से वर्ष 2023 में 47,295 टन खाद्य तेल मंगाया गया था जो वर्ष 2024 में बढ़कर 1,24,056 टन और वर्ष 2025 में उछलकर 8.04 लाख टन से ऊपर के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया।

इस रुख के साथ नेपाली खाद्य तेल का आयात चालू वर्ष में और भी बढ़कर 10 लाख टन के करीब पहुंच जाने की संभावना है जिससे नेपाल भारत को खाद्य तेलों की आपूर्ति करने वाले शीर्ष देशों की सूची में शामिल हो जाएगा। वह भारत को रिफाइंड खाद्य तेलों का सबसे बड़ा निर्यातक देश बन चुका है। 

इससे स्वदेशी रिफाइनिंग उद्योग को भारी नुकसान हो रहा है। नेपाल से आयातित खाद्य तेलों पर सीमा शुल्क नहीं लगता है इसलिए वह विदेशों से भारी मात्रा में इसका आयात करके उसे भारत में भेज देता है।

नेपाल में तेल-तिलहनों का अत्यन्त सीमित उत्पादन होता है जबकि भारत में शुल्क मुक्त निर्यात के लिए शर्त है कि उत्पाद (खाद्य तेल का उत्पादन उसके घरेलू प्रभाग में होना चाहिए। भारत सरकार के इस शर्त का कड़ाई से पालन करवाने के लिए नीतियों में आवश्यक संशोधन करना चाहिए।