निर्बाध मूसलाधार बारिश से कर्नाटक में दलहन फसलों को भारी क्षति की आशंका
25-Aug-2025 04:55 PM
बेलागवी । अरहर (तुवर) के प्रमुख तथा मूंग के एक महत्वपूर्ण उत्पादक राज्य- कर्नाटक के कुछ जिलों में लगातार हो रहे मूसलाधार बारिश से तुवर, उड़द एवं मूंग जैसी खरीफ कालीन दलहन फसलों को काफी नुकसान होने की आशंका है।
कृषि विभाग के आरंभिक अनुमान के अनुसार राज्य में लगभग 4 लाख एकड़ क्षेत्र में दलहन की बोई गई फसल के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है।
दरअसल इस वर्ष कर्नाटक में मध्य मई से ही बारिश का दौर आरंभ हो गया था जिससे धारवाड़, बेलागवी, हावेरी, गडग एवं बगलकोट जैसे जिलों में किसानों को दलहनों की अगैती बिजाई का अवसर मिल गया। कई इलाकों में दलहनो की फसलें अब कटाई के लिए तैयार होने लगी है इसलिए वहां तेज हवा के साथ अत्यन्त भारी बारिश होने से उसे गंभीर नुकसान होने की आशंका पैदा हो गई है।
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार कर्नाटक में मौजूदा खरीफ सीजन के दौरान मूंग के कुल बिजाई क्षेत्र का करीब 70 प्रतिशत भाग मध्यवर्ती एवं उत्तरी क्षेत्र में रहा जहां उपरोक्त जिले उपस्थित हैं। कम से कम 14 तालुकों में किसानों को नियत समय से पूर्व दलहन फसलों की खेती करने का मौका मिल गया था।
मगर जून तथा जुलाई में हुई भारी वर्षा से लगभग 2 लाख एकड़ में दलहनों के बीज में अंकुरण नहीं होने अथवा नवजात पौधों के बर्बाद होने का मामला सामने आया।
इसके फलस्वरूप कुछ क्षेत्रों में किसानों को मक्का की खेती करने के लिए विवश होना पड़ा। अब लगभग 4 लाख एकड़ अतिरिक्त क्षेत्र में मूंग की फसल प्रभावित हो रही है क्योंकि उसके खेतों में पानी भर गया है।
उड़द की फसल भी भारी वर्षा एवं जल जमाव से प्रभावित हो रही है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार इसकी 10-15 प्रतिशत फसल क्षतिग्रस्त हो गई है।
पिछले साल भी अगस्त में मौसम खराब होने से फसल को भारी नुकसान हुआ था और इस बार 60 प्रतिशत क्षेत्रफल में पानी भरा हुआ है। यदवाड़, नारगुंड तथा बगलकोट में भारी नुकसान से किसान बेहद चिंतित हैं और सरकार से क्षतिपूर्ति की मांग कर रहे हैं। मूंग एवं उड़द का भाव वहां तेज होने लगा है।
