News Capsule/न्यूज कैप्सूल: कनाडाई मसूर निर्यात मजबूत, लेकिन भारत में शुल्क बढ़ने की आशंका

05-Feb-2026 08:37 AM

News Capsule/न्यूज कैप्सूल: कनाडाई मसूर निर्यात मजबूत, लेकिन भारत में शुल्क बढ़ने की आशंका
★ 2025/26 में अब तक 10 प्रतिशत भारतीय आयात शुल्क के बावजूद कनाडा से मसूर का निर्यात सुचारू रूप से जारी है। कनाडा और ऑस्ट्रेलिया से भारत में बड़ी मात्रा में लाल मसूर की आवक को देखते हुए यह चिंता बढ़ रही है कि भारत आयात शुल्क बढ़ा सकता है।
★ भारत में लाल मसूर के दाम पिछले तीन वर्षों से सीमित दायरे में थे, लेकिन सितंबर मध्य के बाद इनमें तेज गिरावट आई है और भाव अब 2019/20 के बाद के सबसे निचले स्तर पर हैं।
★ अगर मसूर पर शुल्क बढ़ाया जाता है, तो उसका असर काफी हद तक शुल्क की दर पर निर्भर करेगा। मटर के मामले में 30 प्रतिशत शुल्क से भारत में कीमतें बढ़ीं, लेकिन आयात जारी रहा और कनाडाई कीमतों पर खास असर नहीं पड़ा। यदि मसूर पर भी इसी तरह का 30 प्रतिशत शुल्क लगाया जाता है, तो संभव है कि कनाडा से भारत को मसूर की सप्लाई जारी रहे और कीमतों पर सीमित प्रभाव पड़े।
★ 2025/26 और आगे के लिए भारत को होने वाला निर्यात बेहद अहम है। 2025/26 में कनाडा की मसूर आपूर्ति 40 लाख टन से अधिक है, जो पिछले साल से करीब 12.5 लाख टन ज्यादा है। मजबूत निर्यात के बावजूद सीजन के अंत में स्टॉक काफी बड़ा रहने की संभावना है। खासकर हरी मसूर में आपूर्ति का दबाव बहुत ज्यादा है।
★ हरी मसूर के लिए भारतीय बाजार मांग के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसे अरहर  के विकल्प के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। हाल के महीनों में भारत में तूर के दाम बढ़े हैं और अब वे हरी मसूर से ऊपर चल रहे हैं, जिससे हरी मसूर के आयात की मांग बढ़ सकती है।
★ यह बाजार के लिए सकारात्मक संकेत है, लेकिन अधिक आपूर्ति की समस्या को दूर करने में समय लगेगा।
★ कुल मिलाकर, दाल बाजार हमेशा गतिशील और कुछ हद तक अनिश्चित रहता है, खासकर जब सरकारी हस्तक्षेप होता है। ऐसे में किसानों को अपनी विपणन रणनीति लचीली रखनी होगी ताकि नीतियों में अचानक बदलाव के अनुसार खुद को ढाल सकें। साथ ही, एसपीजी जैसे उत्पादक संगठनों द्वारा बाजार विकास और पैरवी के प्रयासों का महत्व भी और बढ़ जाता है।

महत्वपूर्ण सूचना:
उपरोक्त रिपोर्ट केवल जानकारी के लिए है। आई-ग्रेन इंडिया किसी भी प्रकार के लाभ या हानि की जिम्मेदारी नहीं लेता और न ही बाजार में किसी विशेष दिशा (तेजी या मंदी) का समर्थन करता है। कृपया कोई भी निर्णय अपने विवेक और समझदारी से लें।