News Capsule/न्यूज कैप्सूल: OMSS के तहत बिक्री सुस्त
05-Feb-2026 12:38 PM
News Capsule/न्यूज कैप्सूल: OMSS के तहत बिक्री सुस्त
★ OMSS के तहत FCI की गेहूं बिक्री में बुधवार को सुस्ती दिखी। कुल 1.26 लाख टन गेहूं की नीलामी में केवल करीब 83,000 टन यानी 66% ही बिक सका।
★ यह उठाव पिछले कुछ हफ्तों की तुलना में कम रहा है, जो बाजार में पर्याप्त आपूर्ति और कमजोर मांग को दर्शाता है।
★ पंजाब, असम और हरियाणा जैसे राज्यों में भी मांग में नरमी आई, जहां पहले लगभग पूरी मात्रा खरीदी जा रही थी। उत्तर प्रदेश में तो स्थिति और कमजोर रही, जहां केवल 45% गेहूं ही बिका।
★ यूपी में निजी खरीद मजबूत है और मंडियों में सस्ते दाम पर गेहूं उपलब्ध होने से एफसीआई के गेहूं में रुचि कम रही।
★ एफसीआई का रिजर्व प्राइस पूरे देश में समान रूप से 2,550 रुपये प्रति क्विंटल तय है, लेकिन दूर-दराज के राज्यों में परिवहन लागत बढ़ने से खरीदारों की दिलचस्पी घट रही है।
★ नीलामी में पेश की जाने वाली मात्रा हर बार बढ़ाई जा रही है, लेकिन वास्तविक बिक्री लगातार घट रही है। तीसरी नीलामी में करीब 89 हजार टन, चौथी में 88 हजार टन और पांचवीं नीलामी में केवल 84 हजार टन गेहूं ही बिक पाया। इन नीलामियों में मुख्य खरीदार पंजाब, असम और हरियाणा रहे। इससे साफ संकेत मिलता है कि जिन राज्यों में FCI की खरीद ज्यादा रही है, वहीं से उठाव बेहतर बना हुआ है।
★ लगातार टेंडर में गेहूं बिक्री भाव भी घटे।
★ एफसीआई नीलामियों में टेंडर भाव लगातार कमजोर हो रहे हैं। इस सीजन में गेहूं के भाव 2,950 रुपये प्रति क्विंटल तक भी नहीं पहुंचे हैं, जबकि पिछले साल फरवरी में 3,200 रुपये तक गए थे। मध्य प्रदेश की मंडियों में गेहूं के भाव 2,400–2,525 रुपये प्रति क्विंटल के आसपास हैं, जो एमएसपी से नीचे हैं।
आगे महाराष्ट्र, गुजरात और मध्य प्रदेश में नई फसल की आवक शुरू होने वाली है और अभी चार–पांच टेंडर बाकी हैं।
★ अगर मौसम अनुकूल रहा और बंपर उत्पादन हुआ, तो गेहूं के दामों पर और दबाव बनने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
