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21-Oct-2026 03:28 PM
मास्को। रूस एवं यूक्रेन के बीच जारी भयंकर जंग के कारण इन दोनों देशों से अन्य कृषि उत्पादों के साथ गेहूं का निर्यात शिपमेंट बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
इससे वैश्विक बाजार में गेहूं की आपूर्ति- उपलब्धता की स्थिति जटिल होने तथा कीमतों में तेजी आने की संभावना है। उल्लेखनीय है कि रूस दुनिया में गेहूं का सबसे बड़ा निर्यातक एवं तीसरा सबसे प्रमुख उत्पादक देश है जबकि यूक्रेन से भी भारी मात्रा में गेहूं का निर्यात होता है।
एशिया तथा अफ्रीका के अनेक देश रूस से विशाल मात्रा में गेहूं का आयात करते हैं जिसमें मिस्र, तुर्की, बांग्ला देश एवं संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) आदि मुख्य रूप से शामिल है।
रूस से करीब 70 प्रतिशत कृषि उत्पादों का निर्यात शिपमेंट काला सागर क्षेत्र के बंदरगाहों एवं जलमार्ग से होता है जो अभी लगभग बंद है।
रूस और यूक्रेन पिछले कुछ महीनों से एक-दूसरे के बंदरगाहों और माल-वाहक जहाजों पर भीषण बमबारी कर रहे हैं जिससे वह समुद्री मार्ग अंतर्राष्ट्रीय व्यापार के लिए पूरी तरह सुरक्षित हो गया है।
जहां तक यूक्रेन का सवाल है तो वहां से भी गेहूं के निर्यात में जबरदस्त गिरावट आ रही है। यूक्रेन से करीब 85 प्रतिशत कृषि उत्पादों का शिपमेंट काला सागर के जलमार्ग से होता है।
सामान्य मासिक औसत की तुलना में अगस्त 2026 के दौरान रूस से गेहूं के निर्यात में 60 प्रतिशत एवं यूक्रेन से शिपमेंट में 66 प्रतिशत की भारी कमी आ गई।
सितम्बर में भी निर्यात प्रदर्शन काफी कमजोर रहा और अक्टूबर में भी स्थिति में ज्यादा सुधार आने के संकेत नहीं मिल रहे हैं। जो देश रूस-यूक्रेन से गेहूं की आपूर्ति पर काफी हद तक निर्भर थे उन्हें अब दूसरे निर्यातक देशों से इसका आयात करने के लिए विवश होना पड़ रहा है।