पहले छमाही में पाकिस्तानी चावल का निर्यात 47 प्रतिशत घटा

05-Feb-2026 06:16 PM

कराची। पाकिस्तान के फेडरल राजस्व बोर्ड (एफबीआर) के आंकड़ों से पता चलता है कि चावल के निर्यात से प्राप्त आमदनी वित्त वर्ष 2023-24 की पहली छमाही के 3.88 अरब डॉलर से 47 प्रतिशत घटकर वित्त वर्ष 2025-26 की पहली छमाही में 1.80 अरब डॉलर से भी नीचे आ गई।

इसी अवधि के दौरान चावल के निर्यात की मात्रा में भी जोरदार गिरावट दर्ज की गई। वैश्विक मांग कमजोर होने तथा घरेलू प्रभाग में दबाव बढ़ने से चावल का निर्यात प्रदर्शन फीका पड़ गया। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में चुनौतियां एवं प्रतिस्पर्धा भी बढ़ गई। 

बोर्ड के मुताबिक चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में यानी जुलाई-दिसम्बर 2025 के दौरान पाकिस्तान से बासमती एवं गैर बासमती- दोनों संवर्ग के चावल का निर्यात काफी घट गया। इसमें एक-तिहाई से अधिक की गिरावट दर्ज की गई।

इसके तहत अफ्रीका, यूरोपीय संघ, मध्य-पूर्व एवं आसियान देशों में पाकिस्तानी चावल के निर्यात में भारी कमी आई जबकि ये सारे इसके प्रमुख बाजार हैं। अफगानिस्तान, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), अमरीका एवं ब्रिटेन जैसे प्रमुख  आयातक देशों में भी चावल का निर्यात काफी घट गया। 

उल्लेखनीय है कि 2023-24 के दौरान जब भारत ने चावल के निर्यात पर प्रतिबंध, शुल्क एवं नियंत्रण आदि लागू किया था तब न केवल इस महत्वपूर्ण खाद्यान्न के वैश्विक बाजार मूल्य में भारी तेजी आ गई थी बल्कि थाईलैंड, वियतनाम एवं म्यांमार के साथ-साथ पाकिस्तान को भी अपने चावल का निर्यात तेजी से बढ़ाने का अवसर मिल गया था

लेकिन जब भारत में बंदिशों का दौर समाप्त हुआ तब अन्य निर्यातक देशों का प्रदर्शन तेजी से कमजोर पड़ने लगा। पाकिस्तान में चावला का उत्पादन खर्च ऊंचा बैठता है और उसे भारत की चुनौती का सामना करने में भारी कठिनाई होती है।