पहली तिमाही में कृषि उत्पादों का निर्यात 3 प्रतिशत घटकर 5.88 अरब डॉलर पर सिमटा

20-Jul-2024 02:19 PM

नई दिल्ली। केंद्रीय वाणिज्य मंत्रालय के अधीनस्थ निकाय-कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) के संचालन क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले उत्पादों का निर्यात प्रदर्शन कुछ खास कारणों से कमजोर पड़ने लगा है। पिछले साल के मुकाबले चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में यानी अप्रैल-जून 2024 के दौरान कृषि एवं खाद्य उत्पादों का निर्यात 3 प्रतिशत गिरकर 5.88 अरब डॉलर पर सिमट गया। इसका प्रमुख कारण लाल सागर क्षेत्र का संकट (जिससे शिपमेंट खर्च बढ़ गया), मक्का के वैश्विक बाजार मूल्य में गिरावट तथा चावल के निर्यात पर लगा प्रतिबन्ध आदि रहा।

आकड़ों का विश्लेषण करने से पता चलता है कि कृषि उत्पादों के सकल निर्यात में मुख्यतः रेग्युलेटेड आइटम के शिपमेंट में आई गिरावट के कारण कमी आई क्योंकि अप्रैल-मई 2024 की अवधि में गैर-रेग्युलेटेड उत्पादों के निर्यात में अधिकांशतः बढ़ोत्तरी दर्ज की गयी।

अप्रैल-मई 2024 के दौरान गैर-रेग्युलेटेड कृषि उत्पादों के 23 समूहों का निर्यात 3 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी के साथ 3.88 अरब डॉलर पर पहुंचा था। इसमें बासमती चावल, नॉन वेज आइटम ताजा एवं प्रसंस्कृत फल तथा सब्जी, दलहन, डेयरी उत्पाद, अल्कोहल युक्त पेय पदार्थ एवं पॉल्ट्री उत्पाद आदि शामिल हैं। लेकिन तीन रेग्युलेटेड समूह का निर्यात अप्रैल-मई 2024 में 12 प्रतिशत घटकर 95.40 करोड़ डॉलर पर अटक गया जिसमें गैर-बासमती चावल, गेहूं तथा मिल्ड उत्पाद सम्मिलित हैं।

चालू वित्त वर्ष के शुरूआती दो महीनों में बासमती चावल का निर्यात तो 13 प्रतिशत बढ़कर 1.03 अरब डॉलर पर पहुंचा मगर गैर बासमती चावल का निर्यात 13 प्रतिशत घटकर 91,883 करोड़ डॉलर रह गया। केंद्रीय वाणिज्य मंत्रालय अब निर्यात के रास्ते में आने वाली गैर शुल्कीय बाधाओं की पहचान करने का प्रयास कर रहा है ताकि प्रमुख निर्यात बाजारों में भारतीय उत्पादों की निर्बाध पहुंच सुनिश्चित की जा सके। इन बाधाओं एवं अड़चनों को एक पोर्टल पर डाला जा रहा है और उसे क्रमबद्ध रूप से दूर करने की कोशिश हो रही है।