पंजाब के गोदामों से 40 लाख टन चावल की निकासी का प्रयास
04-Nov-2024 05:47 PM
लुधियाना । केन्द्रीय पूल में खाद्यान्न का सर्वाधिक योगदान देने वाले राज्य- पंजाब के गोदामों में चावल एवं गेहूं का विशाल भंडार मौजूद है और यदि इसे जल्दी से जल्दी वहां से हटाकर सुरक्षित स्थानों पर नहीं पहुंचाया गया तो वर्तमान खरीफ मार्केटिंग सीजन में खरीदे जा रहे धान की मिलिंग से निर्मित चावल के भंडारण में भारी कठिनाई हो सकती है।
एक अग्रणी विश्लेषक के मुताबिक यद्यपि सरकार वहां स्टॉक घटाने का प्रयास कर रही है मगर अगले कुछ सप्ताहों में रेलवे रैकों के माध्यम से करीब 40 लाख टन चावल को देश के दूसरे राज्यों में भेजना आसान काम नहीं है।
केन्द्र सरकार ने वर्तमान खरीफ मार्केटिंग सीजन के दौरान पंजाब में 124 लाख टन चावल (185 लाख टन धान) की खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया है मगर सीमित भंडार सुविधा को देखते हुए वहां धान की खरीद की गति धीमी कर दी गई है।
गोदामों में अगली फसल के भंडारण के लिए जगह पहले ही खाली हो जाती थी मगर भारतीय खाद्य निगम एवं केन्द्रीय खाद्य मंत्रालय ने इस ओर ध्यान ही नहीं दिया।
हालांकि सरकार ने सभी किस्मों एवं श्रेणियों के साबुत चावल का आयात पूरी तरह खोल दिया है और इस पर कोई शुल्क भी लागू नहीं है लेकिन इससे सरकारी खरीद पर कोई खास असर पड़ने की संभावना नहीं है।
धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) सामान्य श्रेणी के लिए 2300 रुपए प्रति क्विंटल तथा 'ए' ग्रेड के लिए 2320 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है और सरकारी खरीद इसी मूल्य स्तर पर हो रही है।
