पंजाब के सीमावर्ती जिलों की मंडियों में गेहूं के उठाव की गति धीमी
12-May-2025 06:05 PM
अमृतसर। पंजाब के छह सीमावर्ती जिलों अमृतसर, तरन तारन, गुरदासपुर, पठानकोट, फिरोजपुर और फाजिल्का में इस बार सरकारी एजेंसियों द्वारा किसानों से 2425 रुपए प्रति क्विंटल के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर केन्द्रीय पूल के लिए गेहूं की अच्छी खरीद की गई है मगर क्रय केन्द्रों से उसके उठाव की गति धीमी देखी जा रही है।
भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के साथ-साथ प्रांतीय एजेंसियों द्वारा यह गेहूं खरीदा गया है। पंजाब सरकार ने खाद्य निगम से गेहूं के उठाव की गति बढ़ाने के लिए कहा है। उम्मीद की जा रही है कि पाकिस्तान के साथ विराम (सीजफायर) होने के बाद अब उठाव की रफ्तार बढ़ जाएगी।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार वर्तमान रबी मार्केटिंग सीजन के दौरान पंजाब के फिरोजपुर के जिले में 8.56 लाख टन, तरन तारन में 7.55 लाख टन, फाजिल्का में 7.49 लाख टन, अमृतसर में 7.02 लाख टन, गुरदासपुर में 6.30 लाख टन तथा पठानकोट जिले में करीब 61 हजार टन गेहूं खरीदा गया।
इसमें से 8 मई 2025 तक तरन तारन जिले में 49 प्रतिशत, अमृतसर में 46 प्रतिशत, गुरदासपुर में 40 प्रतिशत, फिरोजपुर में 34 प्रतिशत, पठानकोट में 24 प्रतिशत तथा फाजिल्का में 22 प्रतिशत गेहूं का स्टॉक क्रय केन्द्रों पर मौजूद था जिसका उठाव नहीं हो पाया था।
वैसे खाद्य निगम की ओर से इसके उठाव की गति बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है मगर गोदामों / वेयर हाउसों एवं प्लींथ में जगह कम होने से उठाव में बाधा पड़ रही है।
पंजाब सरकार ने खाद्य निगम से गंतव्य स्थानों का पता लगाने के लिए कहा है जहां इस गेहूं को भेजा जाना है। इसके अलावा गेहूं के परिवहन के लिए रेलवे रैकों की व्यवस्था करने के लिए भी कहा गया है ताकि गेहूं के स्टॉक को ऐसे राज्यों में जल्दी से जल्दी भेजा जा सके जहां गोदामों में खाली जगह मौजूद है।
सरकार को आशंका है कि मौसम खराब होने पर खुले में रखे इस गेहूं के स्टॉक की क्वालिटी खराब हो सकती है। पाकिस्तान के साथ युद्ध की स्थिति रहने से कुछ दिनों तक गेहूं का उठाव प्रभावित हुआ मगर अब यह मामला समाप्त हो चुका है।
समझा जाता है कि पिछले सप्ताह तक रोजाना 15-16 रैकों में गेहूं के स्टॉक को पंजाब से दूसरे राज्यों में भेजा गया।
