पंजाब में 2 नवम्बर तक 85.41 लाख टन धान की सरकारी खरीद
05-Nov-2024 04:48 PM
नई दिल्ली । केन्द्रीय खाद्य मंत्रालय के आंकड़ों से पता चलता है कि वर्तमान खरीफ मार्केटिंग सीजन में 1 अक्टूबर से 2 नवम्बर 2024 के दौरान पंजाब की मंडियों में कुल मिलाकर लगभग 90.69 लाख टन धान की आवक हुई जिसमें से 85.41 लाख टन की खरीद भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) एवं प्रांतीय एजेंसियों द्वारा की गई और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर इसकी कुल कीमत 19,800 करोड़ रुपए रही। शुरूआती हिचक एवं देरी के बाद अब वहां धान की खरीद जोर शोर से होने लगी है।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार पंजाब में लगभग 4 लाख किसानों को धान के समर्थन मूल्य का भुगतान किया जा चुका है। सितम्बर में भारी वर्षा होने तथा धान में नमी का अंश ऊंचा रहने के कारण अक्टूबर में खरीफ की गति शुरुआती सप्ताहों में काफी धीमी रही थी मगर मौसम साफ होने तथा राइस मिलर्स की समस्या दूर किए जाने के बाद खरीद की प्रक्रिया अब पटरी पर वापस आ गई है।
केन्द्र सरकार ने चालू खरीफ मार्केटिंग सीजन के दौरान पंजाब में 185 लाख टन धान की खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया है जो 124 लाख टन चावल के समतुल्य है। इसमें से 85.41 लाख टन की खरीद 2 नवम्बर तक की गई।
इसका मतलब यह हुआ कि अगले 28 दिनों में 100 लाख टन अतिरिक्त धान खरीदने पर ही नियत लक्ष्य की प्राप्ति होगी क्योंकि पंजाब में धान की खरीद के लिए 30 नवम्बर तक की समय सीमा निर्धारित की गई है। वैसे सरकार ने संकेत किया है कि आवश्यकता पड़ने पर इस समय सीमा को आगे बढ़ाया जा सकता है।
धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) इस बार सामान्य श्रेणी के लिए 2300 रुपए प्रति क्विंटल तथा 'ए' ग्रेड के लिए 2320 रुपए प्रति क्विंटल निश्चित किया गया है।
पंजाब में 2927 चिन्हित मंडियों एवं अस्थायी परिसरों में धान की खरीद हो रही है। धान की मिलिंग (शेलिंग) के लिए राज्य के 4640 राइस मिलर्स ने आवेदन किया है और राज्य सरकार पहले ही इसमें से 4132 मिलर्स को धान का आवंटन कर चुकी है।
