पीली मटर के आयात का मामला

03-May-2025 11:05 AM

घरेलू प्रभाग में दाल-दलहनों की आपूर्ति एवं उपलब्धता बढ़ाने तथा कीमतों में तेजी पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से सरकार ने दिसम्बर 2023 में पीली मटर के शुल्क मुक्त आयात की अनुमति कुछ महीनों के लिए प्रदान की थी लेकिन परिस्थितियां ऐसी बनती गई कि सरकार को इसके शुल्क मुक्त आयात की समय सीमा में लगातार सांतवीं बार बढ़ोत्तरी करनी पड़ी।

अंतिम बार इसकी अवधि मार्च के आरंभ में 31 मई 2025 तक के लिए बढ़ाई गई। चालू माह के अंत में पीली मटर के शुल्क मुक्त आयात की समय सीमा दूरी हो जाएगी और उद्योग-व्यापार क्षेत्र को भरोसा है कि 1 जून 2025 से इसके आयात पर सीमा शुल्क लगना शुरू हो जाएगा। इस भरोसे का आधार यह है कि एक तो पिछले करीब डेढ़ साल के अंदर देश में पीली मटर का अत्यन्त विशाल आयात हुआ और दूसरे, सरकार ने जिस उद्देश्य के लिए इसके शुल्क मुक्त आयात की स्वीकृति देने का निर्णय लिया था वह भी पूरा हो गया।

वर्तमान समय में पांचों प्रमुख दलहनों- तुवर, उड़द, मसूर, चना तथा गेहूं का घरेलू बाजार भाव घटकर न केवल अपने शीर्ष स्तर से काफी नीचे आ गया है बल्कि न्यूनतम समर्थन मूल्य के आसपास या इससे नीचे चला गया है।

यह सही है कि पिछले साल तुवर, उड़द एवं चना का भी रिकॉर्ड आयात हुआ मगर पीली मटर के अत्यन्त विशाल आयात ने घरेलू दलहन बाजार को सबसे ज्यादा प्रभावित किया। मटर की वजह से चना की मांग एवं खपत घट गई और कीमत नरम पड़ने लगी और इसके प्रभाव से अन्य दलहनों का दाम भी कमजोर पड़ने लगा।

आई ग्रेन इंडिया के आंकड़ों से पता चलता है कि दिसम्बर 2023 से मार्च 2025 के दौरान देश में 32.13 लाख टन से अधिक पीली मटर का विशाल आयात हुआ। वित्त वर्ष 2023-24 के दौरान 11.69 लाख टन पीली मटर का आयात हुआ था जो 2024-25 में उछलकर 20.44 लाख टन पर पहुंच गया।

भारत में पीली मटर का आयात मुख्यत: कनाडा और रूस से किया जा रहा है जबकि तुर्की यूक्रेन लाटविया, लिथुआनिया एवं स्पेन जैसे देशों से भी इसको थोड़ी-बहुत मात्रा में मंगाया गया।

अभी कनाडा में मई-जून डिलीवरी के लिए पीली मटर का भारत पहुंच निर्यात ऑफर मूल्य 440 डॉलर प्रति टन तथा रूस से मई शिपमेंट के लिए ऑफर मूल्य 400 डॉलर प्रति टन चल रहा है।

भारतीय बंदरगाहों पर इसका आयात खर्च 3400/3550 रुपए प्रति क्विंटल बैठ रहा है जो देसी चना के लिए सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य 5650 रुपए प्रति क्विंटल से काफी नीचे है।

समर्थन मूल्य के स्तर तक पीली मटर का आयात खर्च बढ़ाने की आवश्यकता है और इसके लिए इस पर कम से कम 50 प्रतिशत का सीमा शुल्क लगाना जरुरी होगा। मसूर तथा देशी चना के आयात पर 11-11 प्रतिशत का सीमा शुल्क पहले ही लगाया जा चुका है और अब पीली मटर की बारी है।