पश्चिम-एशिया में संकट से भारतीय चावल का निर्यात प्रभावित

14-Aug-2026 11:40 AM

नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में ईरान-अमरीका के बीच जारी तनाव तथा होर्मुज स्ट्रेट से व्यावसायिक जहाजों के आवागमन में अनिश्चितता के कारण भारत से चावल का निर्यात आंशिक रूप से प्रभावित हो रहा है। मध्य पूर्व, पश्चिम एशिया तथा खाड़ी क्षेत्र के देश भारतीय बासमती चावल के सबसे प्रमुख खरीदार है मगर इन बाजारों में चावल बेचने में कठिनाई हो रही है। 

वैसे भारत से गैर बासमती चावल के निर्यात शिपमेंट की गति सामान्य बनी हुई है। बासमती की आपूर्ति में बाधा पड़ने तथा शिपमेंट खर्च ऊंचा होने के बावजूद भारत से चालू वित्त वर्ष के शुरूआती चार माह में यानी अप्रैल-जुलाई 2026 के दौरान चावल का सकल निर्यात 1.7 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 3.82 अरब डॉलर पर पहुंच गया। 

होर्मुज स्ट्रेट का जल मार्ग लगभग बंद होने से फिलहाल भारत से बासमती चावल के निर्यात शिपमेंट के लिए ओमान के सोहर तथा मस्कट बंदरगाह तथा संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के खोर फक्कन बंदरगाह का इस्तेमाल करना पड़ रहा है। 

उल्लेखनीय है कि भारत दुनिया में चावल का सबसे प्रमुख निर्यातक देश है जुलाई 2026 में भारत से चावल का कुल निर्यात घटकर 86 करोड़ डॉलर पर अटक गया जो जुलाई 2025 की निर्यात आय से 6.6 प्रतिशत कम रहा क्योंकि मध्य पूर्व एवं पश्चिम एशिया के देश इसकी खरीद में काफी सावधानी दिखा रहे थे। जून में चावल का निर्यात 16 प्रतिशत की भारी वृद्धि के साथ एक अरब डॉलर से ऊपर पहुंच गया था क्योंकि भारतीय बंदरगाहों पर पिछले तीन-चार माह से जो खेप अटकी हुई थी उसे शिपमेंट के लिए क्लीयरेंस मिल गई थी।