रबी फसलों की बिजाई पूरी होने से मौसम पर सबका ध्यान केन्द्रित
05-Feb-2026 09:04 PM
नई दिल्ली। रबी फसलों की बिजाई लगभग पूरी हो गई है और इसका कुल उत्पादन क्षेत्र 2024-25 सीजन के 661 लाख हेक्टेयर से 16 लाख हेक्टेयर बढ़कर इस बार 677 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया है जो पंचवर्षीय औसत क्षेत्रफल 638 लाख हेक्टेयर से काफी ज्यादा है।
पिछले सीजन की तुलना में इस बार गेहूं, धान, चना, मसूर, उड़द, मक्का, जौ, रागी, सरसों एवं मूंगफली आदि के बिजाई क्षेत्र में अच्छी बढ़ोत्तरी हुई है जबकि मटर, कुलथी, ज्वार एवं तिल जैसी फसलों का रकबा घटा है।
आमतौर पर मौसम की हालत सामान्य होने से रबी फसलों की प्रगति संतोषजनक ढंग से हो रही है। कुछ क्षेत्रों में शीत कालीन वर्षा का अभाव चल रहा था।
पश्चिमोत्तर राज्यों में जनवरी के अंतिम सप्ताह में अच्छी बारिश हुई और इसका विस्तार मध्य प्रदेश तक हो गया। गेहूं, जौ, चना, मसूर, मटर एवं सरसों का सर्वाधिक उत्पादन इसी संभाग में होता है।
वहां फसल अच्छी हालत में बताई जा रही है। कहीं-कहीं दलहन-तिलहन फसलों की छिटपुट कटाई आरंभ हो चुकी है। गेहूं को छोड़कर कुछ प्रमुख रबी फसलों की अगैती बिजाई वाली फसल की कटाई-तैयारी आगामी सप्ताहों में जोर पकड़ सकती है।
मौसम विभाग ने फरवरी में वर्षा कम होने तथा तापमान ऊंचा रहने का अनुमान व्यक्त किया है जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। फरवरी का महीना रबी फसलों के लिए बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है इलसिए मौसम के मिजाज पर नजर रखना आवश्यक होगा।
