सीएआई ने कपास का उत्पादन अनुमान 317 लाख गांठ नियत किया

15-Jan-2026 04:14 PM

मुम्बई। एक अग्रणी व्यापारिक संस्था- कॉटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सीएआई) ने 2025-26 के वर्तमान मार्केटिंग सीजन (अक्टूबर-सितम्बर) के लिए कपास के  घरेलू उत्पादन का अनुमान 7.50 लाख गांठ बढ़ाकर अब 317 लाख गांठ (170 किलो की प्रत्येक गांठ) नियत किया है। ज्ञात हो कि एसोसिएशन ने पहले 309.50 लाख गांठ कपास के उत्पादन का अनुमान लगाया था। 

उल्लेखनीय है कि देश के 11 शीर्ष कपास उत्पादक राज्यों में क्रियाशील प्रांतीय स्तर के अपने सदस्य संघों- संगठनों से प्राप्त इनपुट के आधार पर सीएआई द्वारा प्रत्येक माह कपास के उत्पादन, नियमन, उपयोग एवं स्टॉक आदि का आंकड़ा जारी किया जाता है जिससे उद्योग-व्यापार क्षेत्र को पूरी जानकारी मिलती रहती है। इस आधार पर वह अपनी रणनीति भी बनाता है।

एसोसिएशन के अनुसार 2025-26 के मौजूदा मार्केटिंग सीजन के दौरान देश के उत्तरी क्षेत्र (पंजाब, हरियाणा एवं राजस्थान) में 30.50 लाख गांठ, मध्यवर्ती क्षेत्र (गुजरात, महाराष्ट्र एवं मध्य प्रदेश) में 187 लाख गांठ तथा दक्षिणी क्षेत्र (तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक एवं तमिलनाडु) में 94 लाख गांठ कपास का उत्पादन होने का अनुमान है।

इसके अलावा उड़ीसा में 3.50 लाख गांठ तथा देश के अन्य प्रांतों में 2 लाख गांठ कपास के उत्पादन की संभावना व्यक्त की गई है। 

एसोसिएशन ने 2025-26 के मार्केटिंग सीजन में कपास की कुल घरेलू उपलब्धता 427.60 लाख गांठ पर पहुंचने की संभावना जताई है जो 2024-25 सीजन की उपलब्धता 392.60 लाख गांठ से 35 लाख गांठ ज्यादा है।

एसोसिएशन के अनुसार 2024-25 सीजन के दौरान देश में 41 लाख गांठ रूई का आयात हुआ था जो 2025-26 में 9 लाख गांठ बढ़कर 50 लाख गांठ पर पहुंच सकता है।

इसके अलावा देश के अंदर 305 लाख गांठ रूई की खपत होने की उम्मीद है। रूई का निर्यात पिछले सीजन से 3 लाख गांठ बढ़कर चालू सीजन में 15 लाख गांठ पर पहुंचने का अनुमान लगाया गया है और चालू मार्केटिंग सीजन के अंत में कपास का कुल बकाया अधिशेष स्टॉक 108 लाख गांठ पर पहुंचने की संभावना व्यक्त की गई है।

एसोसिएशन के अनुसार सरकार ने रूई के आयात पर पुनः 11 प्रतिशत का सीमा शुल्क लगा दिया है लेकिन इससे ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगा। वैश्विक बाजार में रूई का भाव नरम चल रहा है और भारत को उच्च क्वालिटी की रूई की जरूरत है।