सौंफ की कीमतों में मंदे की संभावना नहीं
19-Aug-2026 07:11 PM
नई दिल्ली। वर्तमान में सौंफ में निर्यात व्यापार कम होने के कारण भाव स्थिर बने हुए हैं लेकिन सूत्रों का कहना है कि स्टॉक की कमी के चलते आगामी दिनों में कीमतों में फिर तेजी आएगी। उल्लेखनीय है कि आई ग्रेन इंडिया ने अपने पाठकों को 30 जून के अंक में सुझाव भी दिया था कि सौंफ के दामों में मन्दा नहीं है और उस समय सौंफ का निर्यात भाव 99/100 रुपए चल रहा था जोकि वर्तमान में बढ़कर 109/110 रुपए हो गया है।
उल्लेखनीय है कि चालू सीजन के लिए प्रमुख उत्पादक राज्य गुजरात एवं राजस्थान के अलावा अन्य क्षेत्रों में सौंफ की बिजाई कम क्षेत्रफल पर की गई थी इसके अलावा बिजाई के पश्चात राजस्थान में हुई बेमौसमी बारिश से मार्च माह में फसल को नुकसान भी हुआ था। जिस कारण से चालू सीजन के दौरान देश में सौंफ का उत्पादन 16/17 लाख बोरी (प्रत्येक बोरी 55 किलो) के आसपास माना गया है। जबकि गत वर्ष उत्पादन अनुमान 18/19 लाख बोरी के लगाए गए थे।
आवक
कुल उत्पादन का अधिकांश माल मंडियों में आ जाने के कारण वर्तमान में मंडियों में आवक काफी कम रह गई है। प्रमुख मंडी ऊंझा में आवक केवल 2000 बोरी की रह गई है जबकि राजस्थान की मेडता एवं नागौर मंडी में आवक 800/1000 बोरी की हो रही है। मंडियों में एवरेज क्वालिटी का भाव 9000/11000 रुपए प्रति क्विंटल बोला जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि गुजरात की मंडियों में कुल उत्पादन का लगभग 75/80 प्रतिशत माल मंडियों में आ चुका है जबकि राजस्थान का 60/70 प्रतिशत माल आने के अनुमान लगाए जा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि चालू सीजन के दौरान गुजरात में सौंफ का उत्पादन 7/7.50 लाख बोरी एवं राजस्थान 7.50/8 लाख बोरी के अनुमान लगाए गए थे। इसके अलावा अन्य क्षेत्रों में उत्पादन अनुमान 1.5/2 लाख बोरी का लगाया गया था।
स्टॉक
सूत्रों का कहना है कि वर्तमान में उत्पादक केन्द्रों की मंडियों पर सौंफ का स्टॉक 7/8 लाख बोरी का माना जा रहा है। गुजरात में 4/4.50 लाख बोरी एवं राजस्थान में 3/3.50 लाख बोरी होने की संभावना है। निर्यात का अधिकांश व्यापार गुजरात की मंडियों से होता है।
मन्दा नहीं
वर्तमान में निर्यातक मांग कम होने के कारण सौंफ के बढ़ते भाव रुक गए है और विगत एक सप्ताह में भाव स्थिर बने हुए हैं। लेकिन आगामी दिनों में कीमतों में तेजी आने की संभावना है क्योंकि एक ओर जहां मंडियों में आवक कम रह गई है तो वहीं दूसरी तरफ स्टॉक भी कम है। उल्लेखनीय है कि मई माह के दौरान सौंफ का निर्यात व्यापार 95/96 रुपए पर हो रहा था जोकि जून माह में बढ़कर 99/100 रुपए हो गया जबकि वर्तमान भाव 109/110 रुपए बोला जाने लगा है।
निर्यात
वर्ष 2025-26 (अप्रैल-मार्च) के दौरान सौंफ निर्यात में भारी गिरावट आने के पश्चात चालू सीजन 2026-27 के प्रथम दो माह में सौंफ के निर्यात में सुधार दर्ज किया है। मसाला बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार अप्रैल-मई- 2026 के दौरान सौंफ का निर्यात 5980 टन का किया और निर्यात से प्राप्त आय 88.28 करोड़ की रही जबकि अप्रैल-मई- 2025 में निर्यात 5885 टन का रहा था और निर्यात से प्राप्त आय 78.66 करोड़ की रही। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2025-26 के दौरान सौंफ का कुल निर्यात 33038 टन का रहा था और निर्यात से प्राप्त आय 421.22 करोड़ की रही थी। जबकि वर्ष 2024-25 के दौरान सौंफ का कुल निर्यात 76586 टन का रहा था और निर्यात से प्राप्त आय 765.44 करोड़ की रही थी।
