सीजन के अंत में सरसों के बकाया स्टॉक में आ सकती है गिरावट: अनिल चतर, मरुधर ट्रेडिंग एजेंसी जयपुर

01-May-2026 06:28 PM

सीजन के अंत में सरसों के बकाया स्टॉक में आ सकती है गिरावट: अनिल चतर, मरुधर ट्रेडिंग एजेंसी जयपुर
★ हर महीने की शुरुआत में मरुधर ट्रेडिंग एजेंसी द्वारा सरसों की रिपोर्ट दी जाती है।
★ 1 मई यानी आज जारी रिपोर्ट के अनुसार सरसों का पुराना स्टॉक व उत्पादन मिलाकर 1 मार्च 2026 को 118.25 लाख टन का सरप्लस उपलब्ध था जिसमें 1 मार्च को पुराना स्टॉक 4 लाख टन बताया गया।
★ मार्च में सरसों की आवक 19 लाख टन पहुंची क्रशिंग 15 लाख टन पहुंची। मार्च 2025 में 11.3 लाख टन की क्रशिंग हुई थी।
★ अप्रैल महीने में आवक बढ़कर 20 लाख टन यानी दो महीने में 39 लाख टन पहुंची और अप्रैल की 16 लाख टन क्रशिंग मिलाकर 31 लाख टन।
★ इस सीजन में नैफेड केवल 33 हजार टन सरसों खरीद पाया जिसमें हरियाणा से 30000 टन, राजस्थान से 3000 टन शामिल है।
★ 1 मार्च को अनुमानित 114.25 लाख टन यानी कुल 116.25 लाख टन का स्टॉक उपलब्ध।
★ 30 अप्रैल तक 39 लाख टन आवक के बाद 77.25 लाख टन का स्टॉक बचा।
★ नैफेड के पास सरसों का स्टॉक नगण्य।
★ प्रोसेसर्स व स्टॉकिस्ट के पास 1 लाख टन पुराने स्टॉक और 39 लाख टन आवक और हैफेड तथा नैफेड के पास 1 लाख टन यानी कुल 41 लाख टन का स्टॉक उपलब्ध। 31 लाख टन क्रशिंग के बाद 10 लाख टन का स्टॉक बचा। 30 अप्रैल 2026 को कुल स्टॉक 87.25 लाख टन रहा।
★ सरसों का इस्तमाल रिफाइंड में बढ़ रहा है। आगामी महीने में क्रशिंग और बढ़ सकती है।
★ मई के बाद आवक में कमी आ सकती है।
★ मार्च में सरसों तेल की कीमतें सोया तेल से नीचे होने की वजह से डिमांड अच्छी जिससे क्रशिंग बढ़ी।
★ कई मल्टी नेशनल कंपनी (MNC) भी सरसों खरीद के लिए मैदान में उतरी, बढ़ती क्रशिंग को देख सीजन के अंत में सरसों की कमी देखी जा सकती है जिसका असर कीमतों पर पड़ सकता है।