साप्ताहिक समीक्षा-गेहूं

03-May-2025 08:06 PM

यूपी को छोड़कर अन्य राज्यों में गेहूं का भाव रहा तेज
 
नई दिल्ली। देश के सबसे प्रमुख गेहूं उत्पादक राज्य- उत्तर प्रदेश की प्रमुख मंडियों में 26 अप्रैल- 2 मई वाले सप्ताह के दौरान कीमतों में नरमी का माहौल देखा गया। गेहूं की सरकारी खरीद के लिहाज से उत्तर प्रदेश का प्रदर्शन चिंता का विषय बना हुआ है क्योंकि वहां 30 लाख टन से नियत लक्ष्य के सापेक्ष अभी तक एक-तिहाई स्तर तक भी गेहूं खरीद संभव नहीं हो पाई है जबकि पंजाब, हरियाणा एवं मध्य प्रदेश में गेहूं की सरकारी खरीद नियत लक्ष्य के काफी करीब तथा राजस्थान में 50 प्रतिशत से ऊपर पहुंच गई है। 
दिल्ली 
समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान दिल्ली में गेहूं का भाव 125 रुपए सुधरकर 2650 रुपए प्रति क्विंटल, राजकोट में 200 रुपए बढ़कर 2400/3200 रुपए प्रति क्विंटल तथा इंदौर में 585 रुपए उछलकर 2375/3075 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंच गया। मध्य प्रदेश की कुछ अन्य मंडियों में भी गेहूं के दाम में सुधार आया। राजस्थान के कोटा एवं बारां मंडी में गेहूं का भाव 80 रुपए एवं 140 रुपए बढ़कर क्रमश: 2385/2680 रुपए प्रति क्विंटल तथा 2370/2825 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंच गया जबकि बूंदी में भाव स्थिर बना रहा। 
उत्तर प्रदेश 
उत्तर प्रदेश की विभिन्न मंडियों में गेहूं के दाम में 10 से 35 रुपए प्रति क्विंटल की नरमी रही। वहां फ्लोर मिलर्स एवं व्यापारियों / स्टॉकिस्टों द्वारा अच्छी मात्रा में गेहूं खरीदा जा रहा है जिससे सरकारी खरीद में अपेक्षित बढ़ोत्तरी नहीं हो रही है। महाराष्ट्र की जालना मंडी में गेहूं का भाव 150 रुपए की वृद्धि के साथ 2525/3300 रुपए प्रति क्विंटल के ऊंचे स्तर पर पहुंच गया। 
आवक 
दिल्ली में गेहूं की आवक शुरूआती दो दिनों में 12 हजार बोरी की हुई मगर बाद में यह घटते हुए सप्ताह के अंत में 4 हजार बोरी पर आ गई। गुजरात और मध्य प्रदेश की मंडियों में गेहूं की आपूर्ति का प्रवाह अब धीमे पड़ने लगा है मगर राजस्थान की मंडियों में भारी मात्रा में गेहूं पहुंच रहा है जिससे वहां खरीद की गति बढ़ रही है। उत्तर प्रदेश की कुछ मंडियों में तकरीबन 10 हजार बोरी गेहूं की औसत दैनिक आवक हो रही है मगर इसकी खरीद में सरकारी एजेंसियों को प्राइवेट व्यापारियों की सख्त प्रतिस्पर्धा या कठिन चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। बिहार में भी यही स्थिति है। 
सरकारी खरीद 
सरकार ने गेहूं की खरीद का लक्ष्य बढ़ाकर 322.70 लाख टन निर्धारित कर दिया है और पंजाब, हरियाणा तथा मध्य प्रदेश में इसकी शानदार खरीद हो रही है जिससे कुल वस्तविक मात्रा लक्ष्य तक या उसके काफी करीब पहुंच सकती है। केवल उत्तर प्रदेश में मामला अटका हुआ है। बिहार में महज 2 लाख टन एवं गुजरात में 1 लाख टन गेहूं की खरीद का लक्ष्य रखा गया है जो बहुत मायने नहीं रखता है।